देहरादून: कांग्रेस नेता हरीश धामी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है। ईडी की कार्रवाई में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन जीना के पास कथित तौर पर मिले 32 लाख रुपए, करीब 200 ग्राम सोना और कुछ घड़ियों का उल्लेख करते हुए धामी ने सवाल उठाया कि क्या इतनी संपत्ति अपने आप में भ्रष्टाचार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नौकरी या सेवा करने वाले व्यक्ति के पास इतनी संपत्ति होना असामान्य नहीं माना जा सकता।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जांच एजेंसियों की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस ने अंग्रेजों के शासन के दौरान भी संघर्ष किया है और ईडी-सीबीआई जैसी एजेंसियों की कार्रवाई से पार्टी डरने वाली नहीं है।
हरीश धामी ने ईडी की कार्रवाई को लेकर सवाल किया कि यदि किसी व्यक्ति के पास 32 लाख रुपए, करीब 200 ग्राम सोना या कुछ महंगी घड़ियां मिलती हैं, तो इसे सीधे भ्रष्टाचार से कैसे जोड़ा जा सकता है। चंदन जीना ने करीब 40 साल सेवा की है और इतने लंबे समय में कोई व्यक्ति 200 ग्राम सोना खरीद सकता है। सोने की कीमतों में हाल के वर्षों में काफी बदलाव आया है और 32 लाख रुपए की रकम किसी व्यक्ति की बचत या संपत्ति का हिस्सा हो सकती है। घड़ियों को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति को किसी ने उपहार के तौर पर घड़ी दी है तो उसे भ्रष्टाचार का आधार कैसे माना जा सकता है। धामी ने ईडी की कार्रवाई के समय को लेकर भी सवाल उठाया और पूछा कि यह मामला इतने वर्षों बाद क्यों सामने आया।
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार से सवाल किया कि यदि जांच एजेंसियों के जरिए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच की जा रही है तो उत्तराखंड विधानसभा से जुड़े विवादों और पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से जुड़े आरोपों की भी जांच होनी चाहिए। आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया कि क्या ईडी उन मामलों की भी जांच करेगी, जिनमें कथित तौर पर बड़ी रकम के लेन-देन और नियुक्तियों को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के करीब रहने वाले कुछ लोगों की कथित तौर पर बढ़ी संपत्ति की जांच की भी मांग की।
धामी ने आगे कहा कि खनन समेत विभिन्न क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए और जांच का दायरा केवल राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का इतिहास संघर्ष का रहा है। जब कांग्रेस के नेता अंग्रेजों के शासन के खिलाफ लड़ सकते हैं तो ईडी और सीबीआई की कार्रवाई से कांग्रेस के लोग डरने वाले नहीं हैं। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने भाजपा नेताओं से कहा कि वे भ्रष्टाचार और रोजगार जैसे मुद्दों पर बोलने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास को देखें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां को लेकर कथित टिप्पणी पर चल रहे विवाद के बीच धामी ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मां का सम्मान सभी को करना चाहिए, लेकिन उनका दावा है कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को लेकर भाजपा नेताओं और सोशल मीडिया पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। धामी ने सवाल किया कि यदि किसी नेता की मां के बारे में टिप्पणी को अपमान माना जा रहा है तो दूसरे नेताओं के परिवार और माताओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी समान प्रतिक्रिया होनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति की मां का सम्मान होना चाहिए और राजनीतिक विवाद में परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना उचित नहीं है।
उत्तराखंड में सरकारी विज्ञापनों पर होने वाले खर्च की जांच की मांग करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में मीडिया विज्ञापनों पर बड़ी राशि खर्च की जा रही है। धामी ने कहा कि जिन पोर्टलों या मीडिया संस्थानों को पहले सीमित राशि में विज्ञापन मिलते थे, उन्हें अब कथित तौर पर करोड़ों रुपए के विज्ञापन दिए जा रहे हैं। यदि कांग्रेस की सरकार उत्तराखंड में सत्ता में आती है तो विज्ञापन व्यवस्था की जांच कराई जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि सरकारी धन किस तरह खर्च हुआ।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहे तो उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने कहा कि वह किसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। धामी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के आसपास रहने वाले कुछ लोगों पर आम लोगों के करोड़ों रुपए दबाने के आरोप हैं। आने वाले समय में वह इन आरोपों से जुड़े नाम और कथित सबूत सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सचिवालय में मुख्यमंत्री के आसपास काम करने वाले कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी कथित तौर पर भ्रष्टाचार में शामिल हैं।
हरीश धामी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवा और उत्तराखंड की जनता सरकार से जुड़े मुद्दों को समझ चुकी है। उन्होंने भाजपा पर विकास के बजाय लोगों को आपस में बांटने और राजनीतिक मुद्दों को भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा नेताओं से कहा कि वे राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने की कोशिश न करें और जांच एजेंसियों की कार्रवाई का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए न किया जाए।
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