Winzo App पर ED की बड़ी कार्रवाई, 2 प्रमोटर्स अरेस्ट

मचा हड़कंप.

Update: 2025-11-27 03:51 GMT
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग एप WinZO के प्रमोटरों को गिरफ्तार कर लिया है. एंटी मनी लॉन्ड्रिंग जांच एजेंसी ने पावन सिंह नंदा और सौम्या राठौर से पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया. WinZO Games Pvt. Ltd. पर कई नियमों के उल्लंघन का आरोप है. ED के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने इस मामले में 18.11.2025 से 22.11.2025 तक दिल्ली और गुरुग्राम में चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था.
तलाशी के दौरान PMLA के तहत WinZO Games Pvt. Ltd. की करीब 505 करोड़ रुपये की अपराध आय (POC) को फ्रीज कर दिया गया है. ईडी ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की थी, जिसमें धोखाधड़ी, खाते ब्लॉक करने, पहचान की चोरी और PAN के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे.
जांच में सामने आया कि WinZO कंपनी भारत से ही ब्राजील, यूएसए और जर्मनी जैसे देशों में रियल मनी गेम्स (RMGs) का संचालन कर रही थी. तलाशी अभियान के दौरान, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 17 (1ए) के तहत विंज़ो गेम्स प्राइवेट लिमिटेड के पास मौजूद करीब 505 करोड़ रुपये की अपराध आय (Proceeds of Crime - POC) को फ्रीज कर दिया है. इस राशि में बैंक बैलेंस, बॉन्ड, एफडीआर और म्यूचुअल फंड शामिल हैं. ईडी ने WinZO Games Pvt. Ltd और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई FIR के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी.
एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि WinZO और अन्य ने शिकायतकर्ताओं के KYC का दुरुपयोग किया. शिकायतकर्ताओं को WinZO और अन्य की धोखाधड़ी वाली गतिविधियों की वजह से काफी नुकसान हुआ है. ED की जांच से पता चला कि कंपनी कस्टमर्स को यह बताए बिना एल्गोरिदम/सॉफ्टवेयर के साथ खेलने के लिए मजबूर कर रही थी कि वे इंसानों के बजाय सॉफ्टवेयर के साथ खेल रहे हैं.
ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी अनैतिक गतिविधियों में शामिल थी. WinZO ने ग्राहकों द्वारा वॉलेट में जमा किए गए पैसों की निकासी को भी रोका/सीमित किया. कंपनी ने ग्राहकों द्वारा लगाए गए और हारे गए दांव की राशि के रूप में POC अर्जित की, जो उन एल्गोरिदम/सॉफ्टवेयर के बेईमान उपयोग से प्राप्त हुई थी.
जांच में यह भी सामने आया है कि WinZO की सभी वैश्विक गतिविधियां (RMGs सहित) भारत से ही सिंगल ऐप और एक ही प्लेटफार्म के तहत ऑपरेट होती थीं. यह भी पाया गया कि भारतीय यूनिट द्वारा USD 55 मिलियन (489.90 करोड़ रुपये) की राशि को ओवरसीज निवेश के बहाने यूएसए और सिंगापुर में भेजा गया. यह राशि WINZO US Inc. के नाम पर यूएसए के बैंक अकाउंट्स में रखी गई थी, जिसे ED ने शैल कंपनी बताया है, क्योंकि इसका सारा संचालन भारत से होता था.
केंद्र सरकार द्वारा 22/08/2025 से RMGs पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद, कंपनी द्वारा 43 करोड़ रुपये की राशि अभी भी गेमर्स/ग्राहकों को वापस नहीं की गई है. यह राशि कंपनी के पास अभी भी जमा है.
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