नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन को कथित CMRL रिश्वत मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा है। उन्हें 23 अक्टूबर को कोच्चि स्थित ED कार्यालय में पेश होने को कहा गया है। आरोप है कि CMRL ने उनकी बेटी वीणा की कंपनी को आईटी सेवाओं के नाम पर 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया था। विजयन और उनका परिवार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं, जबकि CPI(M) नेतृत्व ने उनके इस्तीफे की मांग को खारिज किया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को कथित मासिक भुगतान मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी ने उन्हें 23 अक्टूबर को कोच्चि स्थित अपने कार्यालय में उपस्थित होने को कहा है। विजयन फिलहाल केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं और उनकी उम्र 81 वर्ष बताई गई है।
हालांकि, समन मिलने के बाद उनके पेश होने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि इस मामले से जुड़ी कानूनी कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण आगे का फैसला बाद में लिया जा सकता है। विधानसभा सत्र जारी होने की वजह से पेशी में होने वाली परेशानी के बारे में भी ED को जानकारी देने की योजना है।
ED के मुताबिक, समन धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी किया गया है। राज्य पुलिस की ओर से दर्ज FIR के आधार पर केंद्रीय एजेंसी ने भी इस मामले में केस दर्ज किया है।
बेटी की कंपनी को 2.78 करोड़ रुपये देने का आरोप
यह मामला कोच्चि स्थित कंपनी CMRL से कथित तौर पर जुड़े भुगतान को लेकर है। ED का आरोप है कि कंपनी ने आईटी कंसल्टेंसी सेवाएं देने के नाम पर पिनाराई विजयन की बेटी वीणा की कंपनी ‘एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस’ को 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया। यह कंपनी अब बंद हो चुकी है। इस मामले में केरल विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) ने हाल ही में विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं। ये मामले कथित CMRL रिश्वत प्रकरण से जुड़े हैं।
हालांकि, ED के आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अंतिम रूप से साबित हुआ अपराध नहीं माना जा सकता। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच महत्वपूर्ण होगी।
केरल हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दर्ज हुआ मामला
9 अक्टूबर को केरल हाईकोर्ट ने विजिलेंस ब्यूरो को निर्देश दिया था कि वह ED की ओर से राज्य पुलिस को दी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करे। ED ने अपनी जांच और तलाशी के दौरान जुटाए गए सबूतों का हवाला देते हुए इस दिशा में कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद विजिलेंस की ओर से विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज की गईं। अब ED ने PMLA के तहत जांच आगे बढ़ाते हुए विजयन को पूछताछ के लिए बुलाया है। इस मामले में अदालतों में चल रही सुनवाई आगे की कार्रवाई की दिशा तय करने में अहम हो सकती है।
विजयन और परिवार सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में
केरल हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद पिनाराई विजयन और उनका परिवार सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं। इस मामले पर अब शीर्ष अदालत में होने वाली कार्यवाही पर भी नजर रहेगी।
उधर, CPI(M) नेतृत्व ने विजयन के समर्थन में एकजुटता दिखाई है। पार्टी ने उन्हें केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद से हटाने या उनके इस्तीफे की मांग को स्वीकार नहीं किया है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक जवाबदेही पर बहस भी हो रही है। आलोचकों का सवाल है कि भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे अन्य दलों के नेताओं से जवाब मांगने वाली पार्टी अपने नेतृत्व के मामले में क्या रुख अपनाती है।
खबर में यह भी उल्लेख है कि यह विवाद पुराने SNC-लवलिन मामले की याद दिलाता है। उस समय CPI(M) के पूर्व महासचिव प्रकाश करात ने विजयन का बचाव करते हुए कहा था कि उन्हें पार्टी के प्रदेश सचिव पद से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उस वक्त वह किसी सरकारी पद पर नहीं थे।
फिलहाल CMRL मामले में ED की पूछताछ, विजयन की संभावित पेशी और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई अगले महत्वपूर्ण घटनाक्रम होंगे।