नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है, जहाँ मतदाता सूची का देशव्यापी 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) पूरा हो चुका है, कि वे ऐसे मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें शामिल करने के लिए एक विशेष अभियान चलाएँ जो शायद छूट गए हों।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को भेजे गए एक संदेश में, आयोग ने कहा कि यह विशेष अभियान छूटे हुए मतदाताओं के साथ-साथ पहली बार मतदान करने वाले और युवा मतदाताओं पर केंद्रित होगा।
यह निर्देश आयोग के 29 सितंबर के पत्र और 1 अक्टूबर को सभी CEOs के साथ हुई बैठक के बाद जारी किया गया है।
ECI ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान, प्रत्येक बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) श्रेणी के मतदाताओं की एक सूची तैयार की, साथ ही उनके शामिल न होने के संभावित कारण भी बताए।
इस सूची को संबंधित पंचायत भवनों और शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किया गया था। इसे बूथ स्तर के एजेंटों (BLAs) और राजनीतिक दलों के साथ भी साझा किया गया और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर अपलोड किया गया।
इसके बाद, मतदाता सूची का मसौदा (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया गया और राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया तथा CEO की वेबसाइटों पर अपलोड किया गया। अंत में, मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (EROs) द्वारा दावों और आपत्तियों पर निर्णय लेने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।
आयोग ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची में वे मतदाता शामिल हैं जिन्हें मसौदा सूची के प्रकाशन के बाद जोड़ा या हटाया गया था। इसलिए, SIR से पहले की मतदाता सूची की तुलना में, अंतिम सूची में गणना चरण के दौरान हटाए गए नामों के साथ-साथ मसौदा सूची के प्रकाशन के बाद जोड़े और हटाए गए नाम भी शामिल हैं।
ECI ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता पंजीकरण एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और जो लोग अभी तक पंजीकृत नहीं हुए हैं, या जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, वे किसी भी समय पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आयोग ने कहा, "इस विशेष अभियान का उद्देश्य ऐसे मतदाताओं की पहचान करना और उनकी मदद करना है।"
इस प्रक्रिया के तहत, BLOs को निर्देश दिया गया है कि वे मौजूदा मतदाता सूची की तुलना SIR से पहले की सूची से करें और उन मतदाताओं की सूची तैयार करें जिनके नाम पिछली सूची में तो थे लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं। इसके बाद BLOs घर-घर जाकर पहचाने गए वोटरों की मौजूदा स्थिति का पता लगाएंगे और जहाँ भी वे योग्य पाए जाएँगे, वहाँ फ़ॉर्म 6 के ज़रिए उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने में मदद करेंगे।
आयोग ने BLOs से कहा है कि वे हर हफ़्ते कम से कम 20-25 वोटरों से संपर्क करें ताकि यह काम लगभग एक महीने में पूरा हो सके। वे हर पहचाने गए वोटर की मौजूदा स्थिति भी दर्ज करेंगे और उन लोगों की जानकारी देंगे जिनके लिए फ़ॉर्म 6 भरा गया है।
घर-घर जाने के दौरान, BLOs उन छूटे हुए, पहली बार वोट देने वाले या युवा वोटरों का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने में भी मदद करेंगे जो रजिस्ट्रेशन के लिए योग्य हैं।
BLO द्वारा तैयार की गई लिस्ट मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के BLA के साथ शेयर की जाएगी। BLOs ये लिस्ट, भरे हुए फ़ॉर्म 6 आवेदन और फ़ील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट संबंधित EROs को भी सौंपेंगे।
ERO इन मामलों की जाँच करेंगे और 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' और 'वोटर रजिस्ट्रेशन नियम, 1960' के प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई करेंगे।
इस प्रक्रिया के पूरा होने पर, EROs बूथ-वार लिस्ट राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ शेयर करेंगे, जिससे उन्हें उन योग्य वोटरों की पहचान करने और उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने में मदद करने का एक और मौका मिलेगा जो शायद छूट गए हों।
आयोग ने अधिकारियों को नाम शामिल करने के आवेदन जमा करने में आसानी के लिए 'बूथ लेवल कैंप' आयोजित करने का भी निर्देश दिया है। नाइट शेल्टर और लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ-साथ बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा सकते हैं।
CEO, ज़िला चुनाव अधिकारियों (DEO) और EROs से कहा गया है कि वे शिक्षण संस्थानों, स्थानीय आउटरीच कार्यक्रमों, SVEEP गतिविधियों, नियमित प्रेस ब्रीफ़िंग और अन्य उपयुक्त प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए जागरूकता और लोगों को जोड़ने की गतिविधियाँ चलाएँ।
इसका मकसद यह पक्का करना है कि हर योग्य नागरिक को वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के मौके के बारे में पता चले।
ECI ने यह भी निर्देश दिया है कि इस विशेष अभियान की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखी जाए और CEO, DEO और ERO के स्तर पर नियमित रूप से इसकी समीक्षा की जाए। CEO को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी संबंधित DEO, ERO और BLO को ज़रूरी निर्देश जारी करें और यह सुनिश्चित करें कि यह विशेष अभियान सभी पात्र नागरिकों तक पहुँचे।
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