इंदौर में धूल भरी आंधी का तांडव, शहर में जनजीवन अस्त-व्यस्त
आसमान में घने बादल भी छा गए
Indore. इंदौर। इंदौर में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज धूल भरी आंधी ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में आसमान घने धूल के गुबार से भर गया और शहर का दृश्य पूरी तरह बदल गया। दिन के समय ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
जानकारी के अनुसार आंधी के दौरान हवाओं की रफ्तार करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। इतनी तेज हवाओं ने शहर के कई हिस्सों में हालात बिगाड़ दिए। दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया और लोगों को अचानक बदले मौसम से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज धूल भरी आंधी के साथ आसमान में घने बादल भी छा गए, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन इसके साथ ही व्यापक नुकसान भी देखने को मिला।
शहर के कई इलाकों में बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे कई मार्ग अवरुद्ध हो गए। यातायात व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ा और कई जगह लोग घंटों तक जाम जैसी स्थिति में फंसे रहे। पेड़ों के गिरने से कुछ स्थानों पर बिजली के तारों और खंभों को भी नुकसान पहुंचा, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। इसके अलावा कई स्थानों पर बड़े होर्डिंग्स तेज हवाओं के कारण टूटकर गिर गए। दुकानों और मकानों के टीनशेड उड़ गए, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कुछ छोटे ढांचे और अस्थायी निर्माण भी इस आंधी में क्षतिग्रस्त हो गए।
कई इलाकों में बिजली गुल होने से लोगों को अंधेरे और असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रशासन और बिजली विभाग की टीमों ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत काम शुरू किया, लेकिन कई क्षेत्रों में बहाली में समय लग रहा है। आंधी के दौरान लोग अपने घरों और सुरक्षित स्थानों में ही रहे। बाजारों और सड़कों पर अचानक सन्नाटा फैल गया। मौसम विभाग के अनुसार इस तरह की तेज आंधी स्थानीय वायुमंडलीय बदलाव और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव का परिणाम हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और टूटे हुए पेड़ों, बिजली के तारों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। अभी भी कई जगहों पर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और मरम्मत कार्य जारी है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि अचानक बदलता मौसम शहरी जीवन को कितनी तेजी से प्रभावित कर सकता है और थोड़े समय में ही पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।