तस्करी रोकने DRI ने पकड़ी तेंदुए की खाल, तीन आरोपी गिरफ्तार
वन्यजीव अपराधियों को गिरफ्तार
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश: Directorate of Revenue Intelligence (DRI) ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अवैध वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए तेंदुए की खाल की एक टॉफी जब्त की है और इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी इस अवैध व्यापार में लिप्त थे और तेंदुए की खाल की तस्करी करके भारी मुनाफा कमाने की योजना बना रहे थे। जांच के दौरान डीआरआई ने पाया कि यह गिरोह जंगलों और संरक्षित क्षेत्रों से शिकार की गई तेंदुए की खाल को बाज़ार में बेचने की कोशिश कर रहा था। तेंदुए का शिकार और उसकी खाल का व्यापार भारत में Wildlife (Protection) Act, 1972 के तहत गंभीर अपराध है, और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है।
अधिकारियों ने मामले को Forest Division को सौंप दिया है, जो इस घटना की आगे की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा। यह गिरफ्तारी और तेंदुए की खाल जब्ती डीआरआई की वन्यजीव तस्करी के खिलाफ निरंतर जारी प्रयासों का हिस्सा है। इस साल पहले भी Ujjain, Seoni और Rayagada में ऐसे ही अभियान चलाकर कई वन्यजीव अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीआरआई के अधिकारीयों ने बताया कि यह अभियान वन्यजीव संरक्षण और अवैध शिकार रोकने के लिए शुरू किया गया है। तस्करी रोधी टीम ने कहा कि गिरोह अत्यंत संगठित था और वे इस अवैध व्यापार में लंबे समय से सक्रिय थे। ऐसे अभियानों का उद्देश्य न केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना है, बल्कि जंगलों और संरक्षित क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों ने इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा कि तेंदुए जैसे संरक्षित प्रजातियों के शिकार और अवैध व्यापार को रोकना पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। डीआरआई की यह कार्रवाई अन्य तस्करों के लिए चेतावनी के रूप में भी काम करेगी और अवैध वन्यजीव व्यापार पर नकेल कसेगी। इस सफलता के साथ ही डीआरआई ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अवैध वन्यजीव व्यापार या शिकार की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि देश में वन्यजीव संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित किया जा सके।