जिला संयोजक और छात्रावास अधीक्षक 1 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप
Bhopal/Neemuch. भोपाल/नीमच। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच गुरुवार को उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने नीमच जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त टीम ने जिला संयोजक राकेश राठौर और उत्कृष्ट छात्रावास अधीक्षक हरीश चौहान को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। दोनों अधिकारियों पर विभागीय जांच में पक्ष में रिपोर्ट तैयार करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई।
शिकायतकर्ता कर्दुला इक्का, जो मनासा विकासखंड के कुकड़ेश्वर स्थित शासकीय कन्या छात्रावास में अधीक्षिका हैं, ने उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विभागीय जांच में उनके पक्ष में रिपोर्ट देने के लिए अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, कर्दुला इक्का को पूर्व में छात्रावास संचालन में कथित अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। बाद में कलेक्टर स्तर पर जांच के बाद उन्हें पुनः बहाल कर दिया गया। हालांकि बहाली के बाद भी विभागीय स्तर पर आगे की जांच प्रक्रिया जारी थी। आरोप है कि इसी जांच रिपोर्ट को उनके पक्ष में तैयार करने के एवज में जिला संयोजक राकेश राठौर और छात्रावास अधीक्षक हरीश चौहान ने कुल एक लाख पच्चीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पूरे मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई, जिसके बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। बताया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा पहले ही 25 हजार रुपये की पहली किस्त आरोपियों को दी जा चुकी थी। इसके बाद दूसरी किस्त के रूप में एक लाख रुपये देने का समय तय किया गया। गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के कार्यालय में जैसे ही दोनों अधिकारियों ने एक लाख रुपये की रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों ने रिश्वत की राशि जब्त कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इस कार्रवाई का नेतृत्व उज्जैन लोकायुक्त के डीएसपी दिनेश पटेल ने किया। उनके साथ टीआई हीना डाबर सहित लोकायुक्त की विशेष टीम मौजूद रही।
ट्रैप सफल होने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई ने जिले के प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। खास बात यह है कि जिला संयोजक राकेश राठौर का हाल ही में नीमच से झाबुआ तबादला हुआ था। गुरुवार को ही उनके कार्यमुक्त होने और विदाई समारोह की चर्चा चल रही थी। ऐसे समय में रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है। सूत्रों के अनुसार राकेश राठौर पिछले करीब दस वर्षों से नीमच जिले में पदस्थ थे और विभागीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। वहीं हरीश चौहान भी विभाग में लंबे समय से कार्यरत हैं। लोकायुक्त की इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो आम नागरिक उसकी शिकायत लोकायुक्त से कर सकते हैं। शिकायत की पुष्टि होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।