नई दिल्ली: सिंधिया राजघराने की करीब ₹41 हजार करोड़ की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े मामले में प्रतिमा देवी राना ने समझौते पर धोखाधड़ी से हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया है। अदालत ने उन्हें 29 अक्टूबर को उपस्थित होकर अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य पेश करने होंगे। दूसरी ओर, ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजे परिवार की ओर से कहा गया है कि समझौते पर हस्ताक्षर आपसी सहमति से किए गए थे। अब अगली सुनवाई में पेश होने वाले बयान और साक्ष्य मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए अहम होंगे।
₹41 हजार करोड़ की संपत्ति के विवाद में फिर बढ़ी कानूनी उलझन
सिंधिया राजघराने की करीब ₹41 हजार करोड़ की संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा मामला एक बार फिर अदालत में अहम मोड़ पर पहुंच गया है। समझौते की प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाली प्रतिमा देवी राना को अब अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने होंगे। इसके लिए अदालत ने 29 अक्टूबर की तारीख तय की है।
बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय में अंतरिम आवेदन और आपत्ति आवेदन पर सुनवाई हुई। अब अगली तारीख पर प्रतिमा देवी के बयान और उनके द्वारा पेश किए जाने वाले साक्ष्यों पर ध्यान रहेगा। इन्हीं के आधार पर उनकी आपत्ति पर आगे किस तरह विचार किया जाएगा, यह स्पष्ट हो सकेगा।
प्रतिमा देवी का दावा—धोखाधड़ी से कराए गए हस्ताक्षर
प्रतिमा देवी राना ने अदालत में आवेदन देकर संपत्ति विवाद के संबंध में तैयार समझौते पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि समझौता प्रस्ताव पर उनसे अपनी इच्छा और सहमति से हस्ताक्षर नहीं कराए गए, बल्कि धोखाधड़ी के जरिए ऐसा कराया गया।
उन्होंने अदालत से मामले की कार्यवाही में दोबारा शामिल होने और संपत्ति में अपने अधिकारों पर विचार किए जाने की मांग भी की है। अब उन्हें यह बताना होगा कि समझौते पर हस्ताक्षर किन परिस्थितियों में हुए और किन वजहों से वह इस प्रक्रिया को गलत मानती हैं।
उनके आरोपों के केंद्र में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे और उषा राजे हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अदालत का अंतिम फैसला अभी सामने नहीं आया है।
सिंधिया और राजे परिवार का पक्ष—समझौता सहमति से हुआ
प्रतिमा देवी की आपत्ति पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और राजे परिवार के सदस्यों की ओर से विरोध जताया गया है। वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे की ओर से अदालत में कहा गया कि समझौते पर हस्ताक्षर सभी की सहमति से किए गए थे। उनके पक्ष के अनुसार, हस्ताक्षर करने के बाद परिवार के सदस्य वहां मौजूद रहे, साथ में भोजन किया गया और तस्वीरें भी ली गई थीं। इस आधार पर उनका कहना है कि समझौते की प्रक्रिया में धोखाधड़ी नहीं हुई।
ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से भी यही पक्ष रखा गया कि समझौते पर सहमति से हस्ताक्षर हुए थे और उसमें कोई गड़बड़ी नहीं की गई। इस तरह दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। अब अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के आधार पर इन पर विचार किया जाएगा।
पहले एकपक्षीय घोषित हो चुकी थीं प्रतिमा देवी
संपत्ति विवाद के मूल दीवानी मुकदमे में वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे ने पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया था। इस मामले में दिवंगत पद्मावती राजे की बेटियों कनिका देवी सिंह और प्रतिमा देवी राना को भी पक्षकार बनाया गया था।
पहले की सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण कनिका देवी सिंह और प्रतिमा देवी राना को एकपक्षीय यानी एक्स पार्टी घोषित कर दिया गया था। बाद में प्रतिमा देवी ने अदालत में आवेदन देकर कार्यवाही में अपनी भागीदारी और समझौते पर आपत्ति जताई। पद्मावती राजे की संपत्ति में हिस्सेदारी और उनकी बेटियों के अधिकारों से जुड़े सवाल भी इस मामले को कानूनी रूप से अहम बनाते हैं।
29 अक्टूबर की सुनवाई से आगे की दिशा होगी तय
अब सभी की निगाहें 29 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। इस दिन प्रतिमा देवी को अपने आरोपों के समर्थन में बयान और साक्ष्य पेश करने होंगे। इसके बाद अदालत उनकी आपत्ति पर आगे की सुनवाई की प्रक्रिया तय करने की दिशा में बढ़ सकती है।
इस विवाद में सिंधिया राजघराने की संपत्तियों के बंटवारे के साथ 78 साल पुराने विलय पत्र, जिसे ‘द कोवेनेंट’ कहा गया है, का भी उल्लेख सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस दस्तावेज की दिल्ली के नोटरी से प्रमाणित प्रति अदालत के सामने रखी गई है। इसमें मध्य भारत की रियासतों के विलय, निजी संपत्तियों और राजाओं को मिलने वाले कर-मुक्त प्रिवी पर्स यानी वार्षिक भत्ते का विवरण दर्ज है।
फिलहाल समझौते की वैधता और प्रतिमा देवी की आपत्ति पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अगली सुनवाई में पेश किए जाने वाले साक्ष्य और अदालत में रखे जाने वाले पक्ष इस लंबे संपत्ति विवाद की आगे की कानूनी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
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