ध्रुव राठी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, पूर्व DGP ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
बॉलीवुड के कलाकारों का भी किया गया जिक्र.
नई दिल्ली: SIR की प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी आंदोलन में शामिल होने भारत आए जर्मन यूट्यूबर ध्रुव राठी ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया। जिसमें उन्होंने ऐसा कुछ कह दिया कि जिसे सुनकर उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह भड़क गए हैं और उन्होंने ध्रुव राठी की कही बातों को सरासर देशद्रोह बताते हुए इसे बेहद गंभीर अपराध बताया है। उनका कहना है कि राठी ने जो कुछ कहा है उसके लिए 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही उन्होंने ध्रुव राठी की कही बातों को जहर बुझा तीर बताया और अपने अनुभव के आधार पर इसे रासुका के तहत मामला दर्ज करने के लिए भी एक बहुत ही उपयुक्त केस बताया।
ध्रुव राठी की कही बातों पर उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक का गुस्सा इसलिए फूटा क्योंकि राठी ने इस इंटरव्यू में देश की पुलिस और सेना को मोदी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने के लिए उकसाने वाली बातें कहीं हैं। पूर्व डीजीपी ने इन्हीं बातों को गंभीर अपराध बताते हुए इसे देशद्रोह के बराबर बताया।
ध्रुव राठी के जिस इंटरव्यू को लेकर पूर्व पुलिस अधिकारी का गुस्सा फूटा, उसमें उन्होंने बॉलीवुड कलाकारों तथा पुलिस और सेना को सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उकसाया है। उन्होंने कहा, ‘इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को भी मैं यही कहना चाहूंगा, जो मैंने पुलिसवालों को कहा था। फिल्म इंडस्ट्री में जो स्ट्रेंथ है, यूनिटी है, उस चीज को जरा दिखाओ। एक साथ ट्वीट करो। एक साथ आवाज उठाओ। फिर देखना क्या करेगी ये सरकार।’
ध्रुव राठी ने आगे कहा था, 'क्या सारे बॉलीवुड सेलिब्रिटीज को एक साथ जेल में डाल देगी। पुलिसवाले एक साथ आवाज उठाएंगे तो क्या करेगी सरकार, सारी पुलिस फोर्स को एक साथ रिजाइन करवाना पड़ेगा, आर्मी वाले एक साथ आवाज उठाएंगे तो क्या करेगी सरकार, पूरी आर्मी को एक बार में रिजाइन करवाएगी। फिर सरकार कुछ नहीं कर सकती। एक लोकतांत्रिक देश में जनता के हाथ में ताकत है। एकता में ताकत है।'
राठी की कही इन्हीं बातों पर गुस्सा जाहिर करते हुए यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह बोले, 'बॉलीवुड के कलाकार और यूट्यूबर्स क्या करते हैं, ये तो वो जानें। लेकिन जहां तक पुलिस का सवाल है, एक कानून है 'पुलिसमैन इनसाइटमेंट टू डिसिफेक्शन एक्ट' जिसके अंतर्गत अगर कोई पुलिसवालों को सरकार के खिलाफ भड़काता है तो यह अपराध बन जाता है और बेहद गंभीर अपराध है। वहीं फौज के मामले में यदि कोई इस तरीके का आह्वान करता है तो पुरानी IPC की धारा 131 और वर्तमान भारतीय न्याय संहिता की धारा 159 के तहत ये एक गंभीर जुर्म है, जिसमें आजीवन कारावास अथवा 10 वर्ष के कारावास का प्रावधान है, और जुर्माने का भी प्रावधान है। '
पूर्व IPS अधिकारी ने आगे कहा, 'मेरा भारत सरकार से यह आह्वान होगा कि इस इंटरव्यू की सत्यता का परीक्षण कराते हुए कानूनी विशेषज्ञों से राय लें और अगर यह सही हो तो उसके खिलाफ अपराध पंजीकृत करके तत्परता के साथ समुचित वैधानिक कार्रवाई करें। वातावरण को विषाक्त करने का अधिकार किसी को भी नहीं है। ध्रुव राठी ने जो बात कही है, वह जहर बुझा तीर है और उसको निष्क्रिय किया जाना अत्यंत जरूरी है।'
वहीं अपनी बात खत्म करते हुए पूर्व अधिकारी ने कहा, 'और अपने अनुभव से मैं यह बात कह सकता हूं कि यह रासुका के अंतर्गत भी बहुत ही उपयुक्त केस रहेगा। सरकार परीक्षण कर ले। लेकिन इस तरीके के आह्वान करने वाले लोगों को मैं देशद्रोही कहता हूं। जय हिन्द।'
लंदन पहुंच गए ध्रुव राठी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के 10 अक्टूबर वाले प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) साथ देने भारत आए ध्रुव राठी अब लंदन पहुंच गए हैं। वह 9 अक्टूबर को जर्मनी से भारत पहुंचे थे और अगले ही दिन सुबह उन्हें गुरुग्राम वाले घर से हिरासत में ले लिया गया। हालांकि रात में उन्हें छोड़ भी दिया गया। लंदन पहुंचने के बाद ध्रुव राठी ने वहां भी प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'अब इंटरनेशनल डंका बजने का समय आ गया है।'
आपको बता दें कि भारत आने के बाद उनकी मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही थीं। पहले उनपर आरोप लगाया गया कि उनके पास भारत की नागरिकता ही नहीं है। इसके बाद ध्रुव राठी ने अपना पासपोर्ट दिखाते हुए इसपर सफाई दी। इसके बाद 2018 के येयक मानहानि मामले में दिल्ली की एक अदालत ने उनके खिलाफ समन जारी कर दिया।
अदालत ने कहा कि राठी पिछले सात वर्षों से ऑस्ट्रिया में रह रहे हैं और राष्ट्रीय राजधानी में जारी विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए भारत आए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के सदस्य विकास पांडे की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें राठी के खिलाफ नया समन जारी करने का अनुरोध किया गया था।
अदालत ने 12 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा, ''उपलब्ध रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता पिछले कई वर्षों से आरोपी नंबर एक (राठी) को समन तामील कराने की कोशिश कर रहा है...।'' शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता समक्ष शर्मा ने अदालत को बताया कि राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं और दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए भारत आए हैं।
लंदन तक पहुंच गई है प्रदर्शनों की आग
भारत में रहे प्रदर्शन का असर लंदन में भी दिखाई दे रहा है। यहां भारतीय उच्चायोग के सामने एनएसयूआई के समर्थक लोगों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद मोदी सरकार के भी समर्थक जुटे। दोनों ओर से जमकर नारेबाजी की गई। वहीं ध्रुव राठी अब पार्ल्यामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास प्रदर्शन करेंगे।