अमृतपाल सिंह को पैरोल देने की मांग तेज, सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने सरकार से की अपील
Chandigarh चंडीगढ़: फरिदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने केंद्र सरकार से खालिस्तान समर्थक उपदेशक अमृतपाल सिंह को संसद सत्र में भाग लेने के लिए पैरोल देने की मांग की है। मीडिया से बातचीत के दौरान खालसा ने कहा कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में अमृतपाल सिंह को संसद में अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि लोकतंत्र में हर जनप्रतिनिधि की आवाज महत्वपूर्ण होती है और उसे संसद में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।
खालसा ने कहा कि यदि अमृतपाल सिंह को पैरोल दी जाती है, तो वह संसद में अपने विचार और अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सकते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप बताते हुए सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है, जहां जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार होना चाहिए। ऐसे में किसी भी सांसद को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
इस मांग को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ राजनीतिक दल और नेता इस मांग का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए सतर्कता बरतने की बात कर रहे हैं। ज्ञात हो कि अमृतपाल सिंह वर्तमान में कानूनी मामलों के चलते हिरासत में हैं। ऐसे में उन्हें पैरोल देने का निर्णय पूरी तरह सरकार और संबंधित एजेंसियों के विवेक पर निर्भर करेगा। यह मुद्दा आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक बहस को जन्म दे सकता है, खासकर तब जब संसद सत्र जारी है और विभिन्न मुद्दों पर तीखी चर्चा हो रही है।