दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी का बड़ा बयान, गुरुद्वारा परिसर में प्रदर्शन पर जताई आपत्ति
गुरुद्वारे को प्रदर्शन का स्थल न बनाएं, कमेटी अध्यक्ष का बयान
दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष ने गुरुद्वारा परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन और नारेबाजी को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुरुद्वारे धार्मिक आस्था और श्रद्धा के केंद्र हैं। इनके परिसरों का इस्तेमाल किसी भी तरह के राजनीतिक प्रदर्शन के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने की कोशिशों पर भी सवाल उठाए हैं।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष के इस बयान के बाद गुरुद्वारा परिसर में प्रदर्शन और धार्मिक स्थलों की मर्यादा का मुद्दा चर्चा में आ गया है। कमेटी का कहना है कि गुरुद्वारों की अपनी धार्मिक परंपराएं और मर्यादाएं हैं, जिनका सम्मान किया जाना आवश्यक है। कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि गुरुद्वारा परिसर का इस्तेमाल प्रदर्शन के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी राजनीतिक गतिविधि के कारण गुरुद्वारे की धार्मिक पहचान और मर्यादा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। अध्यक्ष ने पुलिस की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने की कोशिशों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले को धार्मिक स्थल की मर्यादा के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। गुरुद्वारा परिसर में प्रदर्शन को लेकर सामने आई आपत्ति के बीच धार्मिक गतिविधियों और राजनीतिक विरोध के बीच अंतर का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बयान का मुख्य आधार यही है कि गुरुद्वारे का परिसर धार्मिक उद्देश्यों के लिए है और उसे प्रदर्शन का स्थान नहीं बनाया जाना चाहिए।
इस मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, कमेटी अध्यक्ष ने विशेष रूप से पुलिस की कार्रवाई को राजनीतिक रूप देने की कोशिशों पर सवाल उठाए हैं। उनके बयान में गुरुद्वारा परिसर की मर्यादा बनाए रखने पर प्रमुखता से जोर दिया गया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से सामने आया यह बयान धार्मिक स्थलों में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर उसके रुख को स्पष्ट करता है। कमेटी ने गुरुद्वारा परिसर में प्रदर्शन किए जाने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
फिलहाल इस बयान के केंद्र में दो प्रमुख मुद्दे हैं। पहला, गुरुद्वारा परिसर का प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और दूसरा, पुलिस की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने की कोशिशों पर सवाल। कमेटी अध्यक्ष ने धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।