Delhi: 1.5 करोड़ किसानों को नई खेती तकनीक की जानकारी देंगे वैज्ञानिक
"विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत"
दिल्ली: खरीफ सीजन 2025 के दौरान किसानों को उन्नत तकनीक के जरिए खेती करने के तरीके सिखाने के लिए विकसित कृषि संकल्प अभियान की शुरुआत की गई है. इसका उद्देश्य लागत घटाकर उत्पादन को बढ़ाना है और किसानों की आय को बढ़ाना है. जबकि, उत्पादन की गुणवत्ता को बेहतर करना है. इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों की 2 हजार टीमें खेत तक और किसानों तक पहुंचेंगी.
2 हजार टीमें खेतों और किसानों तक पहुंचेंगी
कृषि मंत्रालय के अनुसार खरीफ विकसित संकल्प अभियान 2025 में कहा गया है कि अभियान के संचालन के लिए 15 मई तक सभी 200 हजार टीमें तैयार हो जाएंगी. अभियान के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है. मीडिया सेल की स्थापना की जा रही है, डीडी किसान योजना से जुड़ेगा.
विकसित संकल्प अभियान का उद्देश्य
उन्नत तकनीकों, नई किस्मों और सरकारी योजनाओं के बारे में किसानों के बीच जागरूकता फैलाना
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और उसका प्रसार करना
किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (एस.एच.सी.) में सुझायी गयी विभिन्न फसलों में संतुलित खादों के प्रयोग के लिए जागरूक एवं शिक्षित करेंगे
कृषि – ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन: केवीके, आईसीएआर संस्थान और इफको, कृषि में ड्रोन प्रौद्योगिकी का उपयोग पर प्रदर्शन करेंगे
किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए आई. सी. टी. (ICT) का व्यापक उपयोग
धान की सीधी बुवाई (डी. एस. आर), सोयाबीन की फसल में मशीनीकरण (Raised and furrow प्रणाली, बीबीएफ आदि) जैसी अन्य उन्नत फसल तकनीकों का प्रसार
विकसित कृषि संकल्प अभियान का टारगेट
अवधि: 29 मई से 12 जून 2025 (15 दिन)
1.0-1.5 करोड़ किसानोंके साथ सीधा संवाद
10-12 लाख किसान प्रतिदिन (3 टीम प्रति जिला; 2-3 ग्राम पंचायत प्रतिदिन; 1200-1800 किसान
प्रति जिला प्रतिदिन)
2000 टीमें
700 जिला
अभियान की टीम कौन से अधिकारी शामिल होंगे
कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञ आईसीएआर के वैज्ञानिकगण
राज्य कृषि बागवानी एवं पशुपालन व मत्स्यपालन विभागों के अधिकारी राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रण एन. पी. एस. एस. से जुड़े पौध संरक्षण अधिकारी
प्रगतिशील किसान कृषि उद्यमी तथा एफपीओ एफआईजी स्वयं सहायता समूह के सदस्य एवं प्रतिनिधि
राज्य कृषि एवं बागवानी विभाग से अपेक्षाएं
संसाधनों को साझा करना ऐसे किसानों को संगठित करने और पात्रा मार्ग तैयार करने लिए बीटीएमएटीएम आदि की तैनाती
राज्य सरकार के पास मौजूद कृषि रो. नी. के. को इस अभियान के लिए पी.ओ.एस. के आधार पर उप कराना.
राज्य कृषि वागवानी एवं नान विभागों के भाग पी. एस. आधार पर वाहन उप कराना.
इस तरह के स्तर के अभियान भी इस अभियान के साथ जुड़कर अधिक प्रभावी बनाये.