Garhwa. गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी अनन्य मित्तल ने समाहरणालय परिसर में स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की कार्यप्रणाली, उपस्थिति व्यवस्था और अभिलेखों के रखरखाव का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनसेवा के प्रति अधिक संवेदनशील और जवाबदेह रहने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने राजस्व कार्यालय, भू-अर्जन विभाग, कोषागार, नजरत, परिवहन विभाग, सामाजिक सुरक्षा कोषांग और समाज कल्याण कार्यालय सहित कई प्रमुख विभागों का दौरा किया। उन्होंने प्रत्येक कार्यालय में जाकर उपस्थिति पंजी की जांच की और कर्मचारियों की उपस्थिति स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचे और अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करें, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की सेवा में देरी न हो।
उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कार्यालयों में रखे गए अभिलेखों की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सभी फाइलों और दस्तावेजों का व्यवस्थित रखरखाव बेहद जरूरी है ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने समाहरणालय परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि पूरे परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही शौचालयों को साफ-सुथरा और उपयोग योग्य बनाए रखने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वच्छ वातावरण ही बेहतर कार्य संस्कृति की पहचान है। इसके अलावा उपायुक्त ने समाहरणालय परिसर में संचालित प्लास मार्ट का भी निरीक्षण किया। वहां उपलब्ध सामग्री और सेवा वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अनुशासन, स्वच्छता और पारदर्शिता ही सुशासन के मूल आधार हैं, और इन्हें हर स्तर पर लागू करना जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय कुमार प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरि सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। इस औचक निरीक्षण से प्रशासनिक महकमे में हलचल देखी गई और अधिकारियों को अपने-अपने कार्यों में सुधार के लिए स्पष्ट संदेश मिला। माना जा रहा है कि इस तरह के निरीक्षण से विभागीय कार्यप्रणाली में और अधिक सुधार आएगा तथा जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।