डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड: गला दबाने से हुई मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा; आज होगा अंतिम संस्कार

बड़ा खुलासा.

Update: 2026-07-01 08:18 GMT
जयपुर: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, गला दबाने के कारण गर्दन की हड्डी (हायॉइड बोन) टूटने से उसकी मौत हुई। डॉक्टरों ने बताया कि गला और गर्दन पर जोरदार दबाव डाले जाने के कारण उसकी जान गई।
छह डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में सामने आया कि जगन गुर्जर की गर्दन के बीच वाले हिस्से में अंदरूनी रक्तस्राव (इंटरनल हेमरेज) हुआ था। इसके अलावा श्वासनली (ट्रेकिया) और भोजन नली (इसोफेगस) के आसपास भी गंभीर चोटें मिलीं। शुरुआती जांच के अनुसार, हमले के करीब तीन मिनट के भीतर दम घुटने (एस्फिक्सिया) से उसकी मौत हो गई।
बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे जगन गुर्जर का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव भवूतिपुरा, धौलपुर के डांग क्षेत्र पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए गांव में सुबह 6 बजे से ही ग्रामीणों और समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। आज उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
हत्या के बाद जगन गुर्जर का परिवार लगातार न्याय की मांग को लेकर विरोध कर रहा था। प्रशासन और परिवार के बीच सहमति बनने के बाद मंगलवार को अजमेर में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए धौलपुर ले गए।
इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जगन गुर्जर के छोटे भाई पप्पू गुर्जर को भी मंगलवार देर रात करीब 1 बजे अजमेर से धौलपुर लाया गया, ताकि वह अंतिम संस्कार में शामिल हो सके। परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जेल के अंदर जगन गुर्जर की उसी के तौलिये से गला घोंटकर हत्या की। घटना के समय विष्णु और जगन गुर्जर, दोनों ही कुख्यात कैदी के रूप में एक ही बैरक में बंद थे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, राज्य की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर हुई इस हत्या ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि जिस बैरक में यह वारदात हुई, वहां लगा सीसीटीवी कैमरा घटना के समय खराब था।
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