नदी में मजदूर पर मगरमच्छ ने किया हमला, एक मिनट तक चली जिंदगी की जंग
इलाके में फैली सनसनी
Gonda. गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में घाघरा नदी के किनारे काम कर रहे एक मजदूर पर मगरमच्छ के हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मगरमच्छ ने मजदूर का पैर अपने मजबूत जबड़ों में जकड़ लिया और उसे नदी की ओर खींचने लगा। करीब एक मिनट तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष चलता रहा। आखिरकार साथ काम कर रहे मजदूरों की सूझबूझ और साहस के चलते घायल की जान बच गई। एक मजदूर ने हथौड़े से मगरमच्छ के सिर पर जोरदार वार किया, जिसके बाद उसने युवक को छोड़ दिया और नदी में वापस चला गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह घटना बुधवार देर शाम गोंडा जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र में हुई। जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर सोनौली मोहम्मदपुर गांव के पास भिखारीपुर-सकरौर तटबंध पर बाढ़ सुरक्षा कार्य के तहत बोल्डर और पर्क्यूपाइन लगाने का काम चल रहा था। यहां लगभग 50 मजदूर नदी किनारे कार्य कर रहे थे। इसी दौरान 40 वर्षीय मजदूर भानु उर्फ भोलू मगरमच्छ का शिकार बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भानु नदी के किनारे बोल्डर लगाने का काम कर रहा था। काम के दौरान वह अनजाने में नदी के काफी करीब पहुंच गया। तभी अचानक पानी से एक मगरमच्छ बाहर निकला और उसने भानु के बाएं पैर को अपने जबड़े में दबोच लिया। हमला इतना अचानक था कि मजदूर को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
मगरमच्छ भानु को नदी के अंदर खींचने की कोशिश करने लगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि मगरमच्छ उसके पैर को मजबूती से पकड़े हुए है और लगातार पानी की ओर खींच रहा है। वहीं घायल मजदूर अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। इस दौरान उसका एक साथी उसका हाथ पकड़कर बाहर की ओर खींचता दिखाई देता है। कुछ सेकंड के भीतर ही आसपास मौजूद अन्य मजदूर भी मौके पर पहुंच गए। घटना के दौरान मजदूरों ने असाधारण साहस का परिचय दिया। जब मगरमच्छ किसी भी हालत में भानु को छोड़ने को तैयार नहीं हुआ, तब एक मजदूर ने पास में रखा हथौड़ा उठाया और मगरमच्छ के सिर पर जोरदार वार कर दिया। हथौड़े का प्रहार लगते ही मगरमच्छ ने अपना शिकंजा ढीला कर दिया। इसके बाद उसने घायल मजदूर को छोड़ दिया और तेजी से नदी में वापस चला गया।
हालांकि मगरमच्छ के हमले में भानु गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके बाएं पैर का काफी हिस्सा मगरमच्छ के हमले से क्षतिग्रस्त हो गया और पैर का मांस भी निकल गया। साथी मजदूरों ने तत्काल उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और फिर इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। इलाज के बाद देर रात उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घायल भानु ने बताया कि वह पहले भी कई बार घाघरा नदी में जानवरों को नहलाने और नदी किनारे काम करने जाता रहा है। उसने बताया कि घटना के समय वह तटबंध के नीचे बोल्डर और पर्क्यूपाइन लगाने का काम कर रहा था। काम करते-करते वह नदी के काफी करीब पहुंच गया था। इसी दौरान मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया।
घटना के बाद तटबंध पर काम कर रहे मजदूरों में भय का माहौल है। कई मजदूरों ने नदी के किनारे काम करने को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में घाघरा नदी में मगरमच्छों की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे खतरा लगातार बढ़ रहा है। गोंडा के जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मजदूरों की बहादुरी और तत्परता के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ मगरमच्छ अक्सर किनारों और आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच जाते हैं। ऐसे में नदी किनारे काम करने वाले लोगों और ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।