गुटबाज नेताओं पर कांग्रेस हाईकमान की कड़ी नजर, एक वरिष्ठ को मिली फटकार

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Update: 2026-01-18 02:17 GMT

तमिलनाडु। तमिलनाडु में होने वाले चुनावों से पहले कांग्रेस ने बड़ी बैठक की. इसमें टॉप लीडरशिप ने कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती को फटकार लगाई. ये फटकार उनके बयानों को लेकर लगी, जिनकी वजह से तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के बीच तनाव पैदा हो रहा है. मीटिंग में कांग्रेस के कुछ सांसदों और विधायकों ने टॉप लीडरशिप को साफ संदेश दिया कि गठबंधन से पहले डीएमके से पॉवर शेयरिंग को लेकर बात कर लेनी चाहिए. ये मीटिंग करीब 4.30 घंटे चली.

शनिवार को मीटिंग के बाद पार्टी ने कहा कि उसके नेतृत्व ने सभी चिंताओं पर ध्यान दिया है और सही वक्त पर फैसला लेगा. कांग्रेस ने राज्य के नेताओं को अनुशासन बनाए रखने और चुनाव रणनीति से संबंधित मामलों पर सोशल मीडिया सहित किसी भी तरह के बयान देने से परहेज करने की चेतावनी भी दी. ये बैठक इंदिरा भवन मुख्यालय में हुई थी. इसकी अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की. पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी, एआईसीसी महासचिव संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल, तमिलनाडु के एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडनकर, राज्य कांग्रेस प्रमुख के सेल्वापेरुन्थागई भी इसमें शामिल हुए थे.X पर एक पोस्ट में, खड़गे ने कहा, 'हमने तमिलनाडु के अपने नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. हमें विश्वास है कि तमिलनाडु के लोग आरएसएस-भाजपा की कट्टरता, सांप्रदायिकता, संघ-विरोधी और भेदभावपूर्ण राजनीति के बजाय समानता, सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और सुशासन को चुनेंगे.'

बैठक के बाद वेणुगोपाल ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने तमिलनाडु के नेताओं के साथ सामूहिक बैठक की और साथ ही व्यक्तिगत रूप से भी उनसे मुलाकात की. वेणुगोपाल ने कहा, 'नेतृत्व ने सभी नेताओं की बात धैर्यपूर्वक सुनी. नेताओं को अपने विचार खुलकर व्यक्त करने का पूरा मौका दिया गया.' वेणुगोपाल ने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से खड़गे और गांधी को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है.

उन्होंने आगे कहा कि हाईकमान ने सभी नेताओं को अनुशासन बनाए रखने और इन मामलों पर सोशल मीडिया सहित किसी भी तरह के बयान देने से परहेज करने का स्पष्ट निर्देश जारी किया है. वेणुगोपाल ने आगे कहा कि नेताओं को अटकलों से बचने और पार्टी के फैसलों के अनुरूप एक स्वर में बोलने की सलाह दी गई है. चुनाव से पहले डीएमके के साथ पॉवर शेयरिंग समझौते की मांग करने वाले राज्य नेताओं के बारे में पूछे जाने पर, वेणुगोपाल ने कहा कि नेतृत्व ने नेताओं की चिंताओं को सुना है और सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा.


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