CM योगी ने त्योहारों व सभी धर्मों के मेलजोल का दिया संदेश
समान अवसर और सहभागिता सुनिश्चित करने
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित RSS सेंचुरी प्रोग्राम में शिरकत की और कहा कि राज्य में त्योहारों और परंपराओं का उत्साहपूर्वक पालन किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में समानतावादी और धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण के तहत प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमारे यहां त्योहारों को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। लोग सभी उत्सवों और आयोजनों को आपसी सम्मान के साथ मनाते हैं, लेकिन अक्सर यह देखने को नहीं मिलता कि वे एक साथ मिलकर किसी कार्यक्रम का हिस्सा बनें।” उन्होंने बताया कि उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले, ईद मिलन कार्यक्रम हमेशा सीएम निवास और राजभवन में आयोजित किए जाते थे, लेकिन होली मिलन या दिवाली मिलन जैसी कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भारत की परंपराओं को धर्मनिरपेक्ष दर्जा दिया गया, तो यह जरूरी था कि सीएम निवास और राजभवन भी इस दृष्टिकोण का पालन करें। इसलिए उनके नेतृत्व में निर्णय लिया गया कि ऐसे आयोजन अब समान रूप से सभी धर्मों और त्योहारों के लिए आयोजित नहीं किए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सभी धर्मों और समुदायों के बीच मेलजोल और सहिष्णुता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल धार्मिक अवसर नहीं होते, बल्कि यह सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।
सीएम ने यह बात रखते हुए कहा कि राज्य सरकार ने त्योहारों के आयोजन में समान अवसर और सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने जोर दिया कि अब सभी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों और मिलन समारोहों में सभी समुदायों को समान रूप से शामिल किया जाता है, जिससे समाज में सह-अस्तित्व और भाईचारे का संदेश मजबूत हो। प्रोग्राम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने RSS के 100 साल पूरे होने के अवसर पर संगठन की भूमिका और योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि RSS ने हमेशा राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने का काम किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री के ये विचार और निर्णय उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता और विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे यह संदेश जाता है कि सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान और समान अवसर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर महत्वपूर्ण हैं। योगी आदित्यनाथ ने अंत में कहा कि त्योहार केवल व्यक्तिगत खुशी का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह सामाजिक संबंधों को मजबूत करने और आपसी सम्मान बढ़ाने का अवसर भी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों को प्रेम और मेलजोल के साथ मनाएं और समाज में सामूहिक सौहार्द बनाए रखें।