Jammu and Kashmir जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री (Dy CM) सुरिंदर चौधरी ने पाकिस्तान के साथ वार्ता और बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि युद्ध समाधान नहीं है और इससे केवल सीमाओं तक ही नहीं बल्कि सामान्य जनता पर भी असर पड़ता है, जो युद्ध की वास्तविकता से अनजान होती है। सुरिंदर चौधरी ने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान टीम के साथ खेल सकती है और अफगान विदेश मंत्री यहां आ सकते हैं, तो फिर हम पाकिस्तान के साथ संवाद और बातचीत क्यों नहीं कर सकते?” उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले युद्ध सीमाओं तक सीमित रहता था, लेकिन अब इसका प्रभाव हर व्यक्ति पर पड़ता है।
उप मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि शांति और संवाद ही एक स्थायी और सुरक्षित समाधान प्रदान कर सकते हैं। उनका कहना था कि युद्ध केवल विनाश और पीड़ा फैलाता है, जबकि कूटनीतिक प्रयास और बातचीत से समाधान निकाला जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उप मुख्यमंत्री का यह बयान क्षेत्रीय शांति और भारत-पाकिस्तान संबंधों में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता को सुरक्षा और स्थिरता का अनुभव तभी होगा जब दोनों देशों के बीच विश्वसनीय वार्ता प्रक्रिया शुरू होगी।
सुरिंदर चौधरी ने राजनीतिक और सामाजिक नेताओं से अपील की कि वे युद्ध की बजाय संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान करने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में, जहां युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, संवाद ही आर्थिक, सामाजिक और मानवीय दृष्टि से सबसे कारगर उपाय है। इस प्रकार, Dy CM Surinder Choudhary ने पाकिस्तान के साथ शांति वार्ता और बातचीत की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि युद्ध के बजाय संवाद और कूटनीति ही भविष्य में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।