CM मोहन यादव ने सोलर पम्प योजना पर अधिकारियों को दिए निर्देश

Update: 2025-10-21 15:28 GMT
Madhya Pradesh मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में प्रदेश के किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोलर पम्प योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए योजना की तेजी और पारदर्शिता के साथ अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश में कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सोलर पम्प योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि योजना का लाभ सभी पात्र किसानों तक समय पर पहुंचना चाहिए, और किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने किसानों के अनुभव, फीडबैक और समस्याओं पर भी ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत स्थापित प्रत्येक सोलर पम्प की नियमित निगरानी और रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को वर्ष भर निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल सके। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को जिला स्तर पर टीमों का गठन करने और ग्रामीण स्तर पर योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि योजना के तहत सौर ऊर्जा पंपों की क्षमता और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि गरीब और सीमांत किसानों को विशेष प्राथमिकता दी जाए ताकि वे भी इस योजना का लाभ उठा सकें। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थापना, प्रशिक्षण और रखरखाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाए, ताकि किसानों को तकनीकी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
बैठक में अधिकारियों ने योजना की वर्तमान स्थिति, विभिन्न जिलों में कार्यान्वयन की प्रगति और आने वाले महीनों में लक्ष्य के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रक्रियाओं में डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया जाए, ताकि योजना में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या देरी की संभावना कम हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा किसानों की लागत को कम करने और कृषि क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में सहायक होगी। इससे किसानों की उत्पादन लागत घटेगी और उनकी आय में सुधार होगा। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया कि किसानों को सोलर पम्प के उपयोग, रख-रखाव और ऊर्जा बचत के तरीकों के बारे में नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं।
इसके अलावा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि योजना के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों का समय पर समाधान किया जाएगा और सभी संबंधित विभाग सहयोगात्मक रूप से काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि मध्यप्रदेश के सभी किसानों तक सौर ऊर्जा से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिससे कृषि क्षेत्र में सतत विकास और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बैठक में कृषि, ऊर्जा और योजना विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने योजना की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की रणनीति और नए जिलों में विस्तार की दिशा पर भी चर्चा की। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सोलर पम्प योजना प्रदेश में किसानों की सिंचाई सुविधा और ऊर्जा बचत के लिए सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अधिकारियों को अब तेजी से योजना का क्रियान्वयन और पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।
Tags:    

Similar News