रायपुर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में किसानों और बीजेपी (BJP) कार्यकर्ताओं के बीच हुए खुनी झड़प के बाद सियासत चरम सीमा पर है. लखीमपुर जाने और किअनों से संवेदना व्यक्त करने के लिए विपक्षी नेताओं की होड़ सी लगी है. रविवार शाम को जैसे ही हिंसक झड़प और चार किसानों की मौत की खबर आई उसके बाद सभी प्रमुख दलों के नेताओं ने लखीमपुर खीरी कूच करने का ऐलान कर दिया. जिसके बाद हरकत में आई पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए नेताओं को रोकने के लिए उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के घर के बाहर प्रशासन ने 16 टायर का ट्रक खड़ा कर रास्ते को बंद कर दिया है. कहा जाए तो अखिलेश यादव अपने घर में नजरबन्द हैं. इसी तरह बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को भी नजरबंद किया गया है. पंजाब और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के लखनऊ आने की सूचना पर लखीमपुर खीरी में धारा 144 लागू कर दी गई है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ANI से बातचीत में कहा है की, लखीमपुर में जिस प्रकार किसानों को रौंदा गया, ये उनकी मानसिकता है कि वो बता रहे हैं कि हमारा विरोध करोगे तो हम इसी प्रकार से कुचल देंगे। ये मानसिकता पूरे देश के लिए खतरनाक है, इससे पूरा देश आंदोलित हुआ है
प्रियंका गांधी कल रात ही लखीमपुर के लिए निकल गईं और उन्हें सीतापुर में हिरासत में लिया गया। मेरा भी कार्यक्रम बना(वहां जाने का), लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार प्लेन नहीं उतरने दे रही है। धारा 144 तो लखीमपुर में लगी है, लखनऊ में उतरने क्यों नहीं दिया जा रहा?


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