शतरंज ग्रैंडमास्टर कोनेरु हम्पी ने FIDE विमेंस कैन्डिडेट्स से नाम वापसी की
फैसला लिया
Delhi दिल्ली: विश्व विख्यात शतरंज ग्रैंडमास्टर कोनेरु हम्पी ने FIDE विमेंस कैन्डिडेट्स टूर्नामेंट से नाम वापसी करने का निर्णय लिया है। हम्पी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्विटर' पर पोस्ट कर कहा कि व्यक्तिगत सुरक्षा और भलाई किसी भी प्रतियोगिता से पहले आती है।
हम्पी ने अपने ट्वीट में लिखा, “गहन विचार-विमर्श के बाद मैंने FIDE विमेंस कैन्डिडेट्स टूर्नामेंट से नाम वापस लेने का कठिन निर्णय लिया है। कोई भी इवेंट, चाहे वह कितना भी महत्वपूर्ण क्यों न हो, व्यक्तिगत सुरक्षा और भलाई से ऊपर नहीं हो सकता। वर्तमान परिस्थितियों में मुझे पूर्ण सुरक्षा का भरोसा नहीं है। यह दर्दनाक लेकिन आवश्यक निर्णय है, और मैं इसके साथ खड़ी हूं।”
इस निर्णय के पीछे सुरक्षा और सुनिश्चित वातावरण की कमी को मुख्य कारण बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट आयोजकों द्वारा सुरक्षा आश्वासन दिए जाने के बावजूद, उन्हें पर्याप्त सुरक्षित महसूस नहीं हुआ। कोनेरु हम्पी भारतीय शतरंज की प्रमुख हस्तियों में से एक हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनके नाम वापसी के फैसले से शतरंज प्रेमियों और प्रतियोगिता आयोजकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हम्पी का यह कदम व्यक्तिगत सुरक्षा और मानसिक भलाई को प्राथमिकता देने की जिम्मेदार रणनीति है। इसके साथ ही यह महिला एथलीटों के लिए सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के महत्व को भी रेखांकित करता है।
अब टूर्नामेंट में उनकी गैर-मौजूदगी से खेल की प्रतिस्पर्धा और खिलाड़ियों के चयन प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। आयोजक और FIDE जल्द ही हम्पी के निर्णय के प्रभावों का आकलन कर सकते हैं और आगे की रणनीति तय करेंगे।