सीबीआई का बड़ा ऑपरेशन: बैंक में भ्रष्टाचार पर नकेल
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा
Kanpur कानपुर। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात स्थित ग्रामीण बैंक (यूपीजीबी) की बरौर शाखा के फील्ड ऑफिसर और शाखा प्रबंधक को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। 13 नवंबर 2025 को एक शिकायत के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 1,20,000 रुपए के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण के अनुमोदन के बदले 7,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके साले ने उक्त ऋण के लिए आवेदन किया था। बैंक अधिकारियों ने ऋण स्वीकृत करने के लिए 7,000 रुपए की रिश्वत की मांग की। इस मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को पैसे लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में जांच जारी है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसी क्रम में गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। कोर्ट ने दोषी ब्रांच मैनेजर को 50 हजार रुपए के जुर्माने के साथ 5 साल की कैद की सजा सुनाई थी।
दोषी राम स्वरूप मिश्रा अंबेडकर नगर के बसखारी शाखा में बैंक ऑफ बड़ौदा में ब्रांच मैनेजर थे। सीबीआई ने 7 मार्च 2017 को शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया था। आरोप लगाया गया कि शिकायतकर्ता को बैंक ऑफ बड़ौदा की बसखारी शाखा से 'कामधेनु योजना' के तहत 20.25 लाख रुपए का लोन स्वीकृत किया गया था। लोन की एक आंशिक राशि शिकायतकर्ता के खाते में जमा कर दी गई थी, हालांकि बाद में खाते पर रोक लगा दी गई थी।