Mumbai. मुंबई। अनिल अंबानी परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शनिवार को अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल से सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से जुड़े 228 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में फिर से घंटों तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने सुबह करीब 11 बजे से शाम 4 बजे तक उनसे सवाल किए। यह मामला एक कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें RHFL के पूर्व CEO और पूर्व पूर्णकालिक निदेशक रवींद्र सुधाकर सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ भी जांच चल रही है। कंपनी की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इससे पहले शुक्रवार को भी CBI ने इसी मामले में जय अनमोल से पूछताछ की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी स्थित CBI मुख्यालय में जांच अधिकारी ने उनसे करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि आगे की पूछताछ के लिए उन्हें फिर से जांच अधिकारी के सामने पेश होने को कहा गया है।
228 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला
CBI ने 6 दिसंबर, 2025 को RHFL, जय अनमोल अंबानी, रवींद्र सुधाकर, अज्ञात व्यक्तियों और अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। यह मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पूर्व आंध्रा बैंक) की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि RHFL के प्रमोटरों, निदेशकों और अज्ञात बैंक अधिकारियों ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार कर बैंक को 228.06 करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाया। अधिकारियों के अनुसार, RHFL के खाते को 30 सितंबर, 2019 को नॉन-परफ़ॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित किया गया था, और बाद में 10 अक्टूबर, 2024 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा इसे धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत किया गया। RHFL ने यूनियन बैंक सहित 18 बैंकों, वित्तीय संस्थानों, NBFCs और कॉर्पोरेट निकायों से कुल 5,572.35 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। CBI अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि कंपनी ने कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ धोखाधड़ी की है।
तलाशी और दस्तावेज जब्ती
9 दिसंबर, 2025 को CBI ने मुंबई में विशेष CBI अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त किया। इसके तहत RHFL के दो आधिकारिक परिसरों और जय अनमोल अंबानी तथा रवींद्र सुधालकर के मुंबई स्थित आवासीय परिसरों पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। CBI का उद्देश्य इन दस्तावेजों के माध्यम से यह पता लगाना है कि RHFL ने किन तरीकों से बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम दिया, ऋणों का उपयोग कैसे किया गया, और प्रमोटरों और निदेशकों की भूमिका क्या रही। एजेंसी बैंक खातों, ऋण लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है।
पिछले पूछताछ और जांच की स्थिति
इससे पहले शुक्रवार को भी CBI ने जय अनमोल से पूछताछ की थी। अधिकारियों ने बताया कि लगातार पूछताछ का उद्देश्य इस वित्तीय घोटाले के तारों को स्पष्ट करना और यह सुनिश्चित करना है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। RHFL मामले में बैंकिंग नियमों का उल्लंघन और आपराधिक कदाचार गंभीर आरोप हैं। ऐसे मामले न केवल बैंक और निवेशकों के लिए जोखिम पैदा करते हैं, बल्कि पूरे वित्तीय तंत्र की विश्वसनीयता को प्रभावित करते हैं।
CBI की जांच का दायरा
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि RHFL ने किन संस्थाओं से ऋण लिया, किस उद्देश्य के लिए ऋण का इस्तेमाल किया गया, और बैंकिंग रिकॉर्डों में किसी प्रकार की हेरफेर या धोखाधड़ी हुई या नहीं। साथ ही, एजेंसी यह जांच कर रही है कि किस प्रकार के दस्तावेजों को बदलकर या गुमाकर बैंक को धोखा दिया गया। CBI की इस जांच में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई बैंक अधिकारियों और RHFL के प्रमोटरों तथा निदेशकों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। इसके तहत सभी वित्तीय और कानूनी दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जा रहा है।
घोटाले की गंभीरता और संभावित परिणाम
विशेषज्ञों के अनुसार, 228 करोड़ रुपये के इस घोटाले में अगर दोष साबित होते हैं, तो इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसके तहत जेल, जुर्माना और कंपनी निदेशकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा सकते हैं। इस घोटाले की जांच और पूछताछ के चलते अनिल अंबानी परिवार की वित्तीय और कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। इसके साथ ही यह मामला मीडिया और वित्तीय जगत में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। CBI की पूछताछ और जांच प्रक्रिया अभी जारी है, और अगले कुछ हफ्तों में इसके परिणाम और कानूनी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकती है।