एसडी गिरि, जौनपुर। यूपी के जौनपुर से पशुवत प्रेम की एक ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिसने समाज को सोचने पर मजबूत कर दिया है कि जीवों पर दया करो और उन्हें अपनों से अलग न समझों, क्योंकि यह बेजुबान भले ही होते हैं लेकिन वफादार और समझदार होते हैं।
पूरा वाकया जौनपुर जिले के केराकत तहसील क्षेत्र के चक गोविंदपुर गांव से जुड़ा हुआ है। आज जहां आम मनुष्य की मृत्यु होने पर लोग अपने धार्मिक रीति-रिवाज के अनुरूप लोगों को अंतिम संस्कार करते देखा जाता है, वहीं पशु और पक्षियों से भी आगाद प्रेम करने वाले लोगों से यह धरा अछूता नहीं है। इसका जीता जागता मिसाल है केराकत विकास खंड क्षेत्र के चक गोविंदपुर गांव निवासी पूर्व सरपंच रामलगन यादव पुत्र स्वर्गीय कन्हैया उर्फ कनई यादव जिनका एक पालतू बछड़े की बीते 15 अक्टूबर को निधन हो जाने पर सरपंच ने हिंदू रीति रिवाज के अनुसार सनातन धर्म से समाधि देकर अंतिम संस्कार कराया है जिसमें ग्रामवासियों समेत आसपास के गांवों के लोगों ने भाग लिया।
तत्पश्चात 19 अक्टूबर को घाट क्रिया का कार्यक्रम पर बाल दाढ़ी बनवाकर ब्राह्मण द्वारा क्रिया कार्यक्रम कराया गया, तदुपरांत 27 अक्टूबर को बछड़े की 13 वीं का कार्यक्रम किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर लोगों में सनातन परंपरा को लेकर काफी चर्चा छिड़ी हुई है लोग तारीफ करते नहीं थक रहें हैं‌।

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