New Delhi. नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सदन में सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि यह सवाल सिर्फ कांग्रेस पार्टी नहीं बल्कि पूरा देश पूछ रहा है। लोकसभा में बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि वह और अन्य नेता दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) पहुंचे थे, जहां घायल छात्रों का इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि वहां एक घायल छात्रा की मां से मुलाकात हुई, जो अपनी बेटी की हालत देखकर बेहद दुखी और गुस्से में थी।
प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रा की मां ने नेताओं के आने-जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें किसी से नहीं मिलना है। कांग्रेस सांसद ने बताया कि उस मां ने दर्द के बावजूद कहा कि जिसने मेरी बेटी का यह हाल किया, उसे जवाब देना होगा। प्रियंका गांधी ने सदन में उस मां की पीड़ा का जिक्र करते हुए सरकार से सवाल किया कि आखिर छात्रों पर ऐसी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रदर्शनकारी आतंकवादी थे, जिनके खिलाफ इतनी कठोर कार्रवाई की गई। प्रियंका गांधी ने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से उनकी बात सुननी चाहिए।
कांग्रेस सांसद ने लोकसभा में कहा कि देश के युवाओं पर पैलेट गन और अन्य हथियारों का इस्तेमाल करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने दोहराया कि पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि यह देश जानना चाहता है कि आखिर इस कार्रवाई के पीछे किसका आदेश था। प्रियंका गांधी ने कहा कि संसद देश की जनता की अमानत है और यहां बैठे सभी लोग जनता के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता जनता ने दी है और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों के सवालों का जवाब दें। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
इसके अलावा प्रियंका गांधी ने रोजगार और परीक्षा प्रणाली को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने रोजगार देने वाले क्षेत्रों को लगातार कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली भी गंभीर संकट से गुजर रही है और पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि पिछले एक दशक में 152 बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक होने से उनका विश्वास टूटता है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर पर पेपर लीक के बावजूद दोषियों और पेपर लीक माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना होगा। प्रियंका गांधी के इस भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने भी सरकार पर सवाल उठाए। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से सरकार की नीतियों और कार्रवाई का बचाव किया गया। संसद में छात्र आंदोलन, पुलिस कार्रवाई, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म रहा। फिलहाल पैलेट गन के इस्तेमाल और छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर बहस जारी है। विपक्ष सरकार से जवाब की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा जा रहा है।