BREAKING: नामकुम ग्रिड डकैती का पुलिस ने किया खुलासा, 9 अपराधी गिरफ्तार
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Ranchi/Namkum. रांची/नामकुम। राजधानी रांची के नामकुम ग्रिड में कुछ दिनों पूर्व हुई भीषण डकैती की गुत्थी को रांची पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले में शामिल 11 में से 9 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस डकैती की योजना गिरोह के सरगना दिनेश लोहरा उर्फ दिनेश करमाली ने बनाई थी, जो लातेहार का निवासी है और वर्तमान में डोरंडा के बड़ा घाघरा में रह रहा था।
एसआईटी की जांच से खुलासा
डीआईजी सह एसएसपी रांची चन्दन कुमार सिन्हा द्वारा गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। जांच के बाद SIT ने यह निष्कर्ष निकाला कि इस डकैती में कुल 11 अपराधी शामिल थे, जिनमें से अब तक 9 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष दो फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी पहचान
दिनेश लोहरा उर्फ दिनेश करमाली (गिरोह का सरगना)
राजेश कुमार सिंह उर्फ भोला
शाहिद अंसारी उर्फ जटला
ललन कुमार भुईया उर्फ बौना
जितु कुमार सिंह उर्फ जिजुवा उर्फ जीतु
फुरकान मल्लिक उर्फ फुरकान
बिरेन्द्र बेदिया उर्फ घोंची
दीपक कुमार सोनी
जितेन्द्र कुमार
घटनास्थल पर उपयोग हुए सामान की बरामदगी
गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने डकैती में प्रयुक्त वाहन (ऑटो सं. JH01-FS-7047), ताला काटने के लिए इस्तेमाल की गई कटर मशीन, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, और डकैती किए गए भारी मात्रा में सामान (253 किलो धातु/तांबा आदि) को बरामद कर लिया है।
इस तरह रची गई थी डकैती की साजिश
गिरोह के सरगना दिनेश लोहरा ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि पूरी योजना उसी ने तैयार की थी। उसने अपने 10 साथियों को एकत्र किया और नामकुम ग्रिड में डकैती को अंजाम देने की साजिश रची। सभी अपराधियों ने पूर्व नियोजित तरीके से ग्रिड में घुसकर ताले काटे, वहां रखे धातु और अन्य कीमती सामान की चोरी की। इसके बाद डकैती का माल सीधे पुन्दाग स्थित फुरकान मल्लिक की कबाड़ी दुकान और अरगोडा के कबाड़ी दीपक कुमार सोनी को बेच दिया गया। दिनेश के अनुसार, कुल 253 किलो समान 750 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा गया, जिससे 1,73,000 रुपये की राशि प्राप्त हुई, जिसे गिरोह के सभी सदस्यों ने आपस में बांट लिया।
कबाड़ियों की संलिप्तता भी उजागर
दीपक कुमार सोनी ने चोरी के सामान को आगे पटना में बेच दिया, जिसके बदले 4 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर किए गए। इससे साफ है कि इस गिरोह का संबंध अंतरराज्यीय कबाड़ी नेटवर्क से भी है। पुलिस ने कबाड़ियों की भूमिका को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सभी आरोपियों ने स्वीकारा अपराध
पूछताछ के दौरान सभी गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उनके बयानों के आधार पर यह भी स्पष्ट हुआ है कि गिरोह पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस अब गिरोह के पूर्ववर्ती अपराधों और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
DIG सह SSP ने दी जानकारी
DIG सह SSP चन्दन कुमार सिन्हा ने बताया कि इस अत्यंत गंभीर डकैती कांड में SIT ने उल्लेखनीय कार्य किया है। जिन दो अपराधियों की गिरफ्तारी अभी नहीं हो पाई है, उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने बताया कि गिरोह के मुखिया सहित जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह पेशेवर स्तर पर डकैती और चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है और साजिश के तहत कबाड़ियों के जरिए चोरी का सामान खपाता है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस द्वारा डकैती में प्रयुक्त उपकरणों की फॉरेंसिक जांच, संपत्ति का स्रोत पता लगाना, और कबाड़ी नेटवर्क की गहराई से छानबीन की जा रही है। रांची पुलिस इस कार्रवाई के जरिए अपराधियों को कड़ा संदेश देना चाहती है कि संगठित अपराध किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।