दिल्ली। रक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सरकारी रक्षा कंपनी म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (MIL) के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार, उनके भाई बी. हर्षवर्धन और निजी रक्षा कंपनी SMPP के सीईओ आशीष कंसल को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामला करीब 500 करोड़ रुपये के रक्षा आपूर्ति अनुबंध और संवेदनशील जानकारियां साझा करने के आरोपों से जुड़ा है।
सीबीआई के मुताबिक, अनिल कुमार पर निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने और रक्षा उत्पादन, खरीद प्रक्रिया तथा अन्य संवेदनशील जानकारियां उपलब्ध कराने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है। जांच एजेंसी ने एफआईआर में दावा किया है कि अनिल कुमार और SMPP के सीईओ आशीष कंसल के बीच गोला-बारूद आपूर्ति के 500 करोड़ रुपये के अनुबंध को लेकर संपर्क था।जांच एजेंसी का आरोप है कि अनिल कुमार ने अलग-अलग मौकों पर अवैध रकम प्राप्त की। इस रकम को छिपाने और ठिकाने लगाने के लिए कथित तौर पर अपनी पत्नी, भाई और अन्य रिश्तेदारों की मदद ली।


सीबीआई ने आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। दी गई जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान करीब 2 करोड़ 23 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी रिश्वत के लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। SMPP रक्षा क्षेत्र में काम करने वाली निजी कंपनी है, जो गोला-बारूद, ड्रोन तकनीक और सैन्य सुरक्षा उपकरणों के निर्माण से जुड़ी है। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में कहा है कि रक्षा उत्पादन और खरीद से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का अनधिकृत खुलासा देश के रणनीतिक और सुरक्षा हितों को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में सिद्ध होना बाकी हैं।
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