Delhi दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के लिए एक युग का अंत हो गया है। पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख आई.एस. बिंद्रा का रविवार को 84 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने भारतीय क्रिकेट और खेल जगत में गहरा शोक फैला दिया है। आई.एस. बिंद्रा को भारतीय क्रिकेट प्रशासन में उनके दूरदर्शी योगदान के लिए याद किया जाएगा। वह और उनके समकालीन साथी लेयल दालमिया का योगदान भारतीय क्रिकेट को एक अर्थव्यवस्था में अरबों डॉलर के उद्योग में बदलने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बिंद्रा-दालमिया जोड़ी ने भारतीय क्रिकेट के व्यवसायिकरण और वैश्विक पहचान के लिए कई नई पहलें शुरू की थीं, जिनसे भारतीय क्रिकेट का आर्थिक और वैश्विक स्वरूप पूरी तरह बदल गया।
आई.एस. बिंद्रा का जन्म 1939 में पंजाब में हुआ था। वह लंबे समय से बीसीसीआई और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े रहे। उनकी अध्यक्षता में भारतीय क्रिकेट ने नए रिकॉर्ड और उपलब्धियां दर्ज कीं। उनकी दूरदर्शिता और संगठन क्षमता ने भारतीय क्रिकेट को आधुनिक प्रबंधन और व्यावसायिक मॉडल की दिशा में अग्रसर किया। बिंद्रा ने अपने करियर के दौरान कई ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट की संरचना और खेल की लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने बीसीसीआई के आर्थिक मॉडल को मजबूत किया और भारतीय क्रिकेट को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनाया। उनकी पहल से आईपीएल जैसी लीग का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिसने क्रिकेट को मनोरंजन और व्यवसाय दोनों के रूप में एक नई पहचान दी।
पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान क्रिकेट प्रशासनिक अधिकारियों ने बिंद्रा के निधन पर शोक व्यक्त किया। कई वरिष्ठ खिलाड़ियों ने उन्हें क्रिकेट के लिए किए गए योगदान के लिए श्रद्धांजलि दी और कहा कि बिंद्रा साहब ने न केवल प्रशासनिक क्षमता दिखाई, बल्कि भारतीय क्रिकेट को पेशेवर दिशा देने में भी मदद की। आई.एस. बिंद्रा का व्यक्तिगत जीवन भी लोगों के लिए प्रेरणास्पद रहा। उन्होंने अपने करियर में चुनौतियों का सामना धैर्य और संयम के साथ किया और हमेशा भारतीय क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहे। उनकी सोच और नेतृत्व क्षमता ने भारतीय क्रिकेट में स्थायित्व और विकास की नींव रखी।
बिंद्रा के निधन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने एक बयान जारी कर कहा, “आई.एस. बिंद्रा का भारतीय क्रिकेट में योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाया। उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता हमेशा याद रखी जाएगी। हम उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। उनके समर्थक और क्रिकेट प्रेमी सोशल मीडिया पर उनके योगदान और यादों को साझा कर रहे हैं। आई.एस. बिंद्रा को भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा स्तंभ माना जाता है, जिसने खेल को केवल खेल नहीं बल्कि एक व्यवसायिक और वैश्विक पहचान दी।
उनकी दूरदर्शिता, नीतियां और प्रशासनिक क्षमता ने बीसीसीआई को एक मजबूत और स्थायी संगठन बनाया। उनके योगदान के कारण भारतीय क्रिकेट ने न केवल खेल में बल्कि आर्थिक और वैश्विक स्तर पर भी अपने कदम मजबूत किए। आई.एस. बिंद्रा का जाना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके योगदान, विचार और प्रतिबद्धता हमेशा क्रिकेट जगत में याद रखी जाएगी। उनके प्रशंसक और क्रिकेट प्रेमी उन्हें “बिंद्रा साब” के रूप में याद करेंगे। आई.एस. बिंद्रा ने अपने जीवन में भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने का कार्य किया और इसके लिए उन्हें हमेशा सम्मान और श्रद्धांजलि दी जाएगी।