Bahraich. बहराइच। बहराइच में भी एटीएस ने दस्तक दे दी है। शनिवार की रात शहरी क्षेत्र के तीन मदरसों के अभिलेखों के एटीएस के अधिकारियों ने खंगाले हैं। इसमें मान्यता प्राप्त मदरसे भी बताए जा रहे हैं। इनका भौतिक सत्यापन संग विदेशी फंडिंग की जांच के लिए बैंक खातों को भी जांचा जा रहा है, ताकि तथ्यों के आधार पर ऐसे मदरसों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके। नेपाल सीमा से लगा बहराइच अतिसंवेदनशील जिलों में शामिल है। यहां सीमा से लगे गांवों में पिछले पांच सालों में
ताबड़तोड़
मदरसों का संचालन व नवीनीकरण किया गया है। विदेशों से बड़े पैमाने पर धन जुटाने के सबूत मिलने पर यूपी एटीएस को जांच सौंपी गई है। विभाग की मानें तो 301 मदरसा मान्यता प्राप्त हैं, जबकि पूर्व में हुए जांच में 495 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त पाए गए हैं। इन मदरसों में ही सबसे बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां पढ़ने वाले बच्चे जांच के साथ ही कम हो गई हैं। ऐसे में एटीएस इस बात का पता लगा रही है कि बच्चे कहां के थे और अचानक संख्या में गिरावट की वजह क्या रही है। इन्ही बिंदुओं को लेकर एटीएस ने जिले में संचालित मदरसों की जांच शुरू कर दी है।


रूपईडीहा के बाबागंज में स्थित एटीएस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में अभी तक भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद मदरसे में बजट कहां से और कैसे आ रहा है। इसकी जांच की जाएगी। देर रात शहर के मदरसों में जांच को अभिलेख तलब किया गया है। एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि जिले में संचालित मदरसों में 225 मदरसों की गतिविधियां संदेह के घेरे में हैं।यहां पढ़ने वाले छात्र ही नहीं दूसरी जगह के हैं, बल्कि शिक्षक भी शक के दायरे में हैं। कुछ लोग
यहां
से जा चुके हैं। ऐसे लोग कहां के रहने वाले थे, जांच शुरू होने से पहले मदरसा छोड़कर जाने की क्या वजह रही है। क्षेत्रीय पुलिस के साथ मिलकर बिना मान्यता के संचालित मदरसों की जांच की जा रही है। मदरसा संचालकों द्वारा सारी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। एटीएस के अधिकारी ने बताया कि सभी मदरसों के अकाउंट नंबर पता किए जा रहे हैं। किन बैंकों में खोले गए हैं, कितने एकाउंट पिछले दो साल में मदरसा या फिर प्रबंधन के नाम से चल रहे थे, जिन्हें बंद किया गया है। वेतन के लिए आने वाले बजट के बारे में जानकारी ली जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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