
मुंबई | बॉम्बे हाई कोर्ट ने उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भाई राजेश अदाणी को बाजार विनियमन उल्लंघन मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले। यह मामला 2018 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अदाणी बंधुओं ने शेयर बाजार में गड़बड़ी की और अपनी कंपनियों के शेयरों की कीमतों में कृत्रिम वृद्धि की थी।
अदाणी ग्रुप ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया और इसे न्याय की जीत बताया। अदाणी परिवार का कहना था कि यह आरोप पूरी तरह से निराधार थे और उनका उद्देश्य उद्योगपतियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था। अदालत ने मामले की गहन जांच के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
गौतम और राजेश अदाणी पर आरोप था कि उन्होंने शेयर बाजार में अनियमितताओं के जरिए अपने व्यापारिक हितों को बढ़ावा दिया, लेकिन अब अदालत ने उन्हें इस मामले से बरी कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड की जांच को भी निराधार बताया।
इस फैसले के बाद अदाणी ग्रुप ने इसे एक महत्वपूर्ण न्यायिक जीत करार दिया और कहा कि यह उनके खिलाफ किए गए प्रयासों की असफलता को दर्शाता है। अदाणी परिवार ने इस फैसले के बाद जनता से अपील की कि वे इस फैसले को सही तरीके से समझें और उनकी कंपनी के खिलाफ फैलाए गए झूठे आरोपों के खिलाफ खड़े हों।
अदाणी ग्रुप और उनके समर्थकों के लिए यह एक बड़ी राहत है क्योंकि इस मामले को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। अब, इस निर्णय के बाद गौतम और राजेश अदाणी ने फिर से साबित कर दिया है कि उनके खिलाफ कोई भी आरोप बिना साक्ष्य के नहीं टिक सकता।