न्यूटाउन: पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने आगामी स्थानीय निकाय चुनावों, राहुल गांधी और सीजेपी के प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों के साथ कोई नहीं है और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत हो रही है।
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "भाजपा संगठन पूरे साल काम करता है और चुनावों की तैयारी काफी पहले से शुरू कर देता है। अब जब चुनाव का समय करीब आ रहा है, तो फैसले लिए जा रहे हैं और उम्मीदवारों का चयन चल रहा है। लगातार बैठकें हो रही हैं, जिनमें राष्ट्रीय नेता, राज्य के नेता और हमारे जिला प्रभारी कोलकाता के नेता सब मिलकर उम्मीदवारों की सूची तैयार कर रहे हैं और चुनावी तारीखों का एलान होते ही नामों का भी ऐलान हो जाएगा।"
ममता की पार्टी (एआईटीसी) के विधायक कुणाल घोष पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "कुणाल घोष किस आधार पर ये दावे कर रहे हैं, और किस पार्टी की तरफ से बोल रहे हैं? क्या वह किसी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता हैं? वह अपनी मर्जी से कुछ भी बयान देते रहते हैं। उनके बयानों में कोई दम या तर्क नहीं होता न की इसकी कोआ लाजीक है।"
राहुल गांधी की आलोचना करते हुए मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "जब भी राहुल गांधी की बात होती है, तो चर्चा इसी बात पर घूमती है कि वह विदेश क्यों गए, कब गए, कहाँ गए और कब वापस आएंगे। राजनीति में उनकी भूमिका, उनके योगदान और उनकी पार्टी के चुनावी नतीजों पर कोई चर्चा क्यों नहीं होती?"
उन्होंने कहा, "कुछ लोगों को लगता है कि सीजेपी का बैनर लेकर वे जो चाहें कर सकते हैं। किसी को भी ऐसी छूट नहीं है। देश में एक कानूनी व्यवस्था है और भारत एक लोकतंत्र है। हर किसी को अपने अधिकारों और मांगों के लिए विरोध करने का हक है, लेकिन यह सब व्यवस्था के दायरे में रहकर ही होना चाहिए। पुलिस भी सहयोग करेगी और सरकार भी सहयोग करेगी। आप कही भी उतर विरोध करेंगे, ये सही नहीं है।
कोलकाता में सीजेपी की रैली पर कहा कि कोलकाता में नहीं हर प्रदेश में करेंगे। कोलकाता में विरोधी लोग अपने में बिखरे हुए हैं, कोई भी चाह रहे है इसमें कुछ कर ले लेकिन किसी की दाल नहीं गलने वाली है। इस तरह के आराजकतत्व को यहां के लोग समर्थन नहीं करते हैं।
पंजाब में नशे पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि आम आदमी पार्टी नशा खत्म कर देगी। शायद लोगों ने कांग्रेस या अन्य पार्टियों से तंग आकर उन्हें वोट दिया होगा। जो लोग खुद नशे के आदी हैं, वे एक नशा-मुक्त समाज कैसे बना सकते हैं।
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