BJP की नेशनल सोशल मीडिया वर्कशॉप, राहुल गांधी-कांग्रेस के नैरेटिव पर जवाब की रणनीति पर चर्चा
नई दिल्ली: दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में रविवार को पार्टी की नेशनल सोशल मीडिया वर्कशॉप आयोजित हुई। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत सोशल मीडिया से जुड़े कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया पर बनाए जा रहे नैरेटिव का जवाब देने के तरीकों पर चर्चा हुई। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम को जनता तक पहुंचाने और सदस्यता अभियान से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
देशभर के सोशल मीडिया पदाधिकारी हुए शामिल
वर्कशॉप में सभी राज्यों के सोशल मीडिया संयोजक और सह-संयोजक पहुंचे। यह बैठक नितिन नवीन की नई टीम के गठन के बाद राज्य स्तर के सोशल मीडिया पदाधिकारियों के साथ होने वाली पहली बैठक भी थी।
कार्यशाला के दौरान पार्टी के डिजिटल कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाने और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में संगठन से जुड़े कामों और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी विचार साझा किए गए। नितिन नवीन ने देशभर से आए सोशल मीडिया पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान डिजिटल माध्यमों के जरिए पार्टी की पहुंच को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
राहुल गांधी और कांग्रेस के सोशल मीडिया नैरेटिव पर चर्चा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, वर्कशॉप में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के सोशल मीडिया नैरेटिव का जवाब देने के मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पार्टी की ओर से अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने को लेकर रणनीति पर विचार किया गया।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम को लोगों तक पहुंचाने के तरीकों पर भी बात हुई। सदस्यता अभियान से जुड़े विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे। यानी बैठक में सोशल मीडिया को संगठन की गतिविधियों और जनता तक पार्टी की बात पहुंचाने के माध्यम के तौर पर ज्यादा प्रभावी बनाने पर जोर रहा।
दीपक म्हास्के बोले- डिजिटल प्रयासों को नई दिशा मिली
भाजपा के सोशल मीडिया संयोजक दीपक म्हास्के ने वर्कशॉप को लेकर कहा कि इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंच को और प्रभावी बनाने में मदद मिली।
उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान संगठन के डिजिटल प्रयासों को नई दिशा देने और आगे की रणनीति पर विस्तार से विचार किया गया। उनके मुताबिक, कार्यक्रम में संगठन, संवाद और तकनीक को साथ लेकर जनसेवा के संकल्प को मजबूत करने पर जोर दिया गया। वर्कशॉप में अलग-अलग स्तर के पदाधिकारियों के विचार और नए नजरिए भी सामने आए।
सोशल मीडिया को लेकर पार्टी की रणनीति
भारत में चुनावी राजनीति में सोशल मीडिया का इस्तेमाल 2014 के चुनावों के दौरान बड़े स्तर पर सामने आया। इसके बाद राजनीतिक दलों ने फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म के साथ-साथ दूसरे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल भी बढ़ाया।
अब पार्टियां सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के अलावा डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स के जरिए भी लोगों तक अपनी बात पहुंचाती हैं। इससे राजनीतिक संवाद बड़े मंचों से निकलकर सीधे लोगों के फोन तक पहुंचा है।
डिजिटल प्रचार बढ़ने के साथ फर्जी खबरों और डीपफेक जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए चुनाव आयोग की ओर से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आचार संहिता और नियम लागू किए गए हैं। भाजपा की इस वर्कशॉप में भी डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल, संगठन की ऑनलाइन पहुंच और आगे की रणनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।