Delhi दिल्ली। दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। कांस्टेबल अंकित कसाना ने आरोप लगाया कि करीब 40 से 50 प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया, गाली-गलौज की और मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनकी उंगली पर काटा गया और चेहरे व शरीर पर नाखून से खरोंच आई। अंकित कसाना प्रदर्शन स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने की ड्यूटी पर तैनात थे। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई के दौरान हालात बिगड़ गए और बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। कांस्टेबल ने कहा कि धक्का-मुक्की के बीच उनके साथ मारपीट हुई। घटना के बाद उनके शरीर पर कई जगह खरोंच के निशान देखे गए और एक उंगली पर काटने का निशान होने की बात भी सामने आई।
DCP ने संभाला, अस्पताल भेजा
घटना के बाद नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा और अन्य पुलिसकर्मियों ने घायल कांस्टेबल को संभाला। सामने आए वीडियो में डीसीपी उन्हें शांत कराते और सांत्वना देते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद कांस्टेबल को इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में मीडिया से बातचीत के दौरान अंकित कसाना ने कहा कि घटना के बाद वह काफी डरे हुए हैं। उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील की।
वीडियो की जांच कर रही पुलिस
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो की जांच की जा रही है, ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कांस्टेबल पर कथित हमला किस परिस्थिति में हुआ और उस समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था। जांच के आधार पर सरकारी कर्मचारी पर हमला और सरकारी काम में बाधा डालने से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।
जंतर-मंतर मार्च के दौरान हुआ हंगामा
बुधवार को कांग्रेस और INDIA गठबंधन के कई नेता जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद मौके पर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसदों और प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
घटना को लेकर फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। कांस्टेबल द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
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