Nitish Kumar: जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय और परिषद की बैठक पटना स्थित प्रदेश मुख्यालय के कर्पूरी सभागार में हुई। बैठक में नीतीश कुमार को चौथी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान पर मुहर लगाई गई। इसके साथ ही उन्हें संगठन में बड़ा पावर दिया गया। नीतीश कुमार को पार्टी के संविधान में आवश्यकता पड़ने पर उचित संशोधन के लिए अधिकृत कर दिया गया। नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य की एनडीए सरकार के कामकाज की जमकर तारीफ की। बैठक में पहुंचे नीतीश कुमार का पार्टी कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। जदयू नेताओं ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर बधाई दी। निशांत कुमार ने पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
बैठक के बाद जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि सम्राट चौधरी की सरकार नीतीश कुमार द्वारा लाए गए सात निश्चय पार्ट- 3 की योजनाओं को जमीन पर उतार रही है। इससे पूर्व सीएम बहुत प्रसन्न हैं। उन्होंने एनडीए सरकार को इसके लिए बधाई दी। कहा कि बिहार के विकास कार्य के लिए केंद्र सरकार की ओर से काफी मदद मिल रही है।
राजीव रंजन सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक में चार प्रस्तावों पर विचार हुआ और इसे पारित किया गया। देश के राजनैतिक इतिहास में यह अद्वितीय घटना है कि इतनी सहजता से बिहार में सत्ता का हस्तानांतरण हो गया। राज्य में 20 सालों तक नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार चली लेकिन कहीं कोई एंटी इन्कंबेंसी नहीं दिखी। बैठक में ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष पर लग रहे विराम पर प्रसन्नता व्यक्त किया गया। जदयू के एक करोड़ से अधिक सदस्य संख्या पर सभी नेताओं ने प्रसन्नता व्यक्त की।
नीतीश कुमार इससे पहले तीन बार राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान थाम चुके हैं। हालांकि, पार्टी के सभी नेता मानते हैं कि जदयू के मालिक नीतीश कुमार ही हैं। ललन सिंह कई बार ऐसा बयान दे चुक हैं। वे पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं। जेडीयू राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को चौथी बार यह जिम्मेवारी मिली है। पहली बार साल 2016 में उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने शरद यादव से राष्ट्रीय अध्यक्ष का चार्ज लिया था। दूसरी बार 2019 में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए। तीसरी बार दिसम्बर 2023 में ललन सिंह के इस्तीफे के बाद उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। चौथी बार 24 मार्च 2026 को उन्हें निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया जिसपर आज राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुहर लगा दी गई।