इजरायल दूतावास के पास हुए बम धमाके में एक बड़ा खुलासा हुआ है. स्पेशल सेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बम में अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल का अंदेशा है, बताया जा रहा है कि इसमें छोटे-छोटे बॉल बेयरिंग का भी इस्तेमाल किया गया है.

आपको बता दें कि इजरायली दूतावात के पास जिंदल हॉउस के ठीक सामने शुक्रवार शाम ये धमाका हुआ है, लेकिन वहां सीसीटीवी काम नहीं कर रहा है. फिलहाल जांच कर रही एजेंसियों ने बाकी जगह के सीसीटीवी अपने कब्जे में कर लिए हैं और जांच की जा रही है.
जांच एजेंसियों को सॉफ्ट ड्रिंक की कैन के कुछ टुकड़े भी मिले हैं. शक है, इसके जरिये विस्फोटक तैयार हुआ है. जिस वक्त ये धमाका हुआ है, तब तक इजरायल दूतावास से लगभग सब लोग जा चुके थे, जिस वक्त धमाका हुआ उस वक्त कोई मूवमेंट नहीं हुआ, बम प्रेशर से फटा है इसलिए सड़क के दूसरी तरफ के कार के शीशे भी टूट गए थे.


बम के ऊपर इजरायल अम्बेसडर लिखा हुआ था, लेकिन इसका मकसद समझ नहीं आया है. ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि धमाके का मकसद नुकसान से ज्यादा दहशत फैलाना था.

इजराइल दूतावास के पास हुए बम धमाके को लेकर इजराइल भी सख्त है, इजराइल से बम धमाके की घटना की जांच के लिए वहां की जांच एजेंसी से कुछ अधिकारी भेजे जा रहे हैं.


इजराइली जांच एजेंसी के अधिकारी अपने नागरिकों के बारे में और उनसे जुड़ी सामरिक जगहों के बारे में जानकारी लेंगे. ये लोग जल्द ही दिल्ली पहुँचने वाले हैं. आज ही इनके पहुंचने की संभावना है. ये टीम भारतीय जांच एजेंसियों की मदद भी करेगी. इजराइल ने इसे 'आतंकवादी घटना' कहा है. साल 2012 में भी नई दिल्ली में इजराइली राजदूत पर हुए हमले के बाद भी इसी तरह इजराइल ने भारतीय जांच एजेंसियों की मदद की थी.


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