BIG BREAKING: नदी में नाव पलटी, 10 लापता

तत्काल राहत एवं बचाव

Update: 2025-10-29 15:35 GMT
Bahraich बहराइच: जिले के सुजौली थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब कौड़ियाला नदी में ग्रामीणों से भरी एक नाव अचानक पलट गई। इस हादसे में 10 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि चार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। घटना ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, यह हादसा बुधवार शाम करीब 6 बजे हुआ। भरथापुर गांव के ग्रामीण लखीमपुर के खैरटिया गांव से कौड़ियाला नदी पार कर लौट रहे थे। गांव के पास पहुंचते ही नाव तेज बहाव की चपेट में आकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाव में 15 से अधिक लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नदी में हाल ही में जलस्तर बढ़ा है क्योंकि चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के गेट खोले गए थे। इससे नदी में तेज बहाव आ गया और नाव असंतुलित होकर पलट गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया और चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सुरक्षित बचे लोगों में लक्ष्मी नारायण (पुत्र विसेसर), रानी देवी (पत्नी रामाधार), ज्योति (पुत्री आनंद कुमार) और हरिमोहन (पुत्र रामकिशोर) शामिल हैं। वहीं, लापता लोगों में नाव चालक मिहीलाल (पुत्र पुत्तीलाल) समेत 10 से अधिक लोग शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, लापता व्यक्तियों में कुछ मेहमान भी थे, जो किसी पारिवारिक समारोह में शामिल होने आए थे।
घटना की सूचना मिलते ही सुजौली थाना प्रभारी प्रकाश चंद्र शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग और एसडीआरएफ की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं। अंधेरा और नदी में तेज बहाव होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन गोताखोरों की मदद से खोज अभियान जारी है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लापता लोगों की खोज के लिए हर संभव संसाधन लगाए जाएं और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता दी जाए। उन्होंने जिला प्रशासन से हादसे की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कौड़ियाला नदी पार करने के लिए नाव ही एकमात्र साधन है, क्योंकि क्षेत्र में कोई पक्का पुल नहीं है। कई बार प्रशासन से पुल निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हादसे के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और शोक दोनों देखा जा रहा है। फिलहाल प्रशासन ने नदी के किनारे अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं और बचाव टीम पूरी रात राहत कार्य में जुटी है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
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