BIG BREAKING: CJP पर पुलिस का शिकंजा, हिंसा मामले में नई FIR
20 जुलाई की हिंसा की जांच तेज
Delhi दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए सीजेपी के 'चलो संसद' विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका की जांच के लिए नई एफआईआर दर्ज की है। पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें सामने आई थीं। मामले में दिल्ली पुलिस ने पहले भी कई एफआईआर दर्ज की थीं।
सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर के फैसले के बाद पुलिस ने नई जांच शुरू की है। अदालत ने सामान्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पहले दर्ज एफआईआर रद्द कर दी थीं, लेकिन आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 2,873 चिह्नित लोगों की भूमिका की जांच की अनुमति दी थी।
क्राइम ब्रांच अब सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग और मोबाइल डेटा सहित डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हिंसा भड़काने या उसका नेतृत्व करने में किन लोगों की भूमिका थी। इधर, सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक और बड़े प्रदर्शन की घोषणा की है। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है।