New Delhi. नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा और तैयारियों का स्तर चरम पर पहुंच गया है। सोमवार दोपहर पुतिन का विशेष विमान भारत के एयर स्पेस में दाखिल होते ही सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया। वहीं पालम तकनीकी एयरपोर्ट पर उनके स्वागत की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं एयरपोर्ट पर पहुंचकर राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करेंगे। यह कदम भारत-रूस के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही पुतिन का विमान भारतीय सीमा में दाखिल हुआ, भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उसे सुरक्षा देते हुए एस्कॉर्ट करना शुरू कर दिया। एयरपोर्ट परिसर में एसपीजी, दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ और इंटेलिजेंस एजेंसियों की संयुक्त टीमें तैनात कर दी गई हैं। वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी निगरानी रखी जा रही है। एयरपोर्ट से पीएम आवास तक के पूरे रूट पर तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा लगाया गया है। इस बीच, सबसे अहम जानकारी यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद एयरपोर्ट पर पहुंचकर पुतिन का अभूतपूर्व स्वागत करेंगे। दोनों नेता एक ही कार में बैठकर लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के लिए रवाना हो सकते हैं, जहां आज रात उनका एक प्राइवेट डिनर निर्धारित है। यह डिनर अनौपचारिक बातचीत और भारत-रूस संबंधों की भावी दिशा पर विमर्श के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
पुतिन की यह यात्रा अंतरराष्ट्रीय राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच हो रही है, जिसके कारण इसे विशेष महत्व मिल रहा है। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, अंतरिक्ष एवं तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में कई अहम मुद्दों पर मंथन होने की उम्मीद है। भारत-रूस संबंध पारंपरिक रूप से मजबूत रहे हैं और आज की यात्रा दोनों देशों की सामरिक साझेदारी को नई दिशा देने का काम कर सकती है। दिल्ली में सुरक्षा तैयारियां भी उच्चतम स्तर पर हैं। एयरपोर्ट की पार्किंग, रनवे, वीआईपी लाउंज, तथा तकनीकी क्षेत्र में विशेष कमांडो तैनात किए गए हैं। पीएम आवास और आसपास के इलाकों में भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने एयरपोर्ट से लेकर पीएम आवास तक के कई रूटों पर अस्थायी डायवर्जन लागू किए हैं ताकि काफिले की मूवमेंट में किसी तरह की रुकावट न आए।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का स्वयं एयरपोर्ट जाकर स्वागत करना इस बात का संकेत है कि भारत रूस के साथ अपने पुराने और भरोसेमंद रिश्तों को और अधिक गहराई देना चाहता है। पुतिन और मोदी के बीच निजी कैमिस्ट्री को भी दोनों देशों की कूटनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है। उम्मीद की जा रही है कि यह मुलाकात न सिर्फ द्विपक्षीय बातचीत को नई गति देगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत-रूस सहयोग को मजबूती देगी। कुल मिलाकर, पुतिन का भारत आगमन न केवल एक उच्चस्तरीय कूटनीतिक घटना है, बल्कि भारत के लिए सामरिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों की गंभीरता से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह दौरा दोनों देशों के लिए कितनी अहमियत रखता है।