BIG BREAKING: बॉलीवुड एक्टर एजाज खान पर FIR दर्ज

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Update: 2025-09-09 18:53 GMT
Indore. इंदौर। क्राइम ब्रांच ने बॉलीवुड एक्टर एजाज खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोप है कि एजाज खान ने बदमाश सलमान लाला की मौत के बाद एक भड़काऊ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए एजाज खान के खिलाफ मामला दर्ज किया। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि वीडियो में एजाज खान ने सलमान लाला की मौत को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। वीडियो में एजाज खान ने कहा था कि सलमान लाला एक विशेष समुदाय से था, इसलिए पुलिस ने उसकी हत्या कर दी। जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में एनकाउंटर या हत्या जैसे किसी भी तथ्य का समर्थन नहीं मिला। सलमान लाला की मौत तालाब में डूबने से हुई थी और इस मामले में कोई साजिश या योजना नहीं पाई गई।
एडिशनल डीसीपी ने आगे बताया कि सलमान लाला की मौत के बाद सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ वीडियो वायरल हुए। अब तक करीब 35 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की जा चुकी है, जिन पर निगरानी रखी जा रही है। आने वाले दिनों में ऐसे अकाउंट्स के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस की प्राथमिकता है कि सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में नफरत फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। एजाज खान ने वीडियो में यह भी कहा था कि “वह समंदर का बड़ा तैराक था, तालाब में डूबकर नहीं मर सकता। अगर वह गैंगस्टर था तो उसका गुनाह यह नहीं कि वह गैंगस्टर था, बल्कि यह कि वह मुसलमान था – इसलिए उसे मार दिया गया।” पुलिस ने कहा कि इस तरह के बयान समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं और युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकते हैं।
सलमान लाला की मौत कैसे हुई
पुलिस की जांच में यह सामने आया कि सलमान लाला इंदौर के नया बसेरा क्षेत्र का रहने वाला था और उसके खिलाफ हत्या, लूटमार, चाकूबाजी और अवैध शराब तस्करी सहित कई अपराध दर्ज थे। 31 अगस्त को पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर वह भागते-भागते सड़क किनारे तालाब में कूद गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह एक दुर्घटनावश मौत थी और इसमें किसी तरह की आपराधिक साजिश का कोई प्रमाण नहीं मिला।
सोशल मीडिया पर नजर
इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम अब सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर ऐसे भड़काऊ पोस्ट, वीडियो और संदेशों की पहचान कर रही है। पुलिस का कहना है कि समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर समय-समय पर निगरानी आवश्यक है। साथ ही, यह भी कहा गया कि किसी भी प्रकार की गलत जानकारी फैलाकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने अपील की है कि नागरिक सोशल मीडिया पर किसी भी अफवाह या भड़काऊ पोस्ट से दूर रहें और यदि ऐसी सामग्री दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी नागरिकों का सहयोग जरूरी है।
यह मामला न केवल कानून व्यवस्था की चुनौती को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग किस प्रकार समाज में नफरत और गलतफहमी फैलाने का माध्यम बन सकता है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे। इंदौर पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और समाज में शांति बनाए रखने में सहयोग करें। साथ ही, यह भी कहा गया कि आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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