BIG BREAKING: बिहार विधानसभा चुनाव खत्म, EVM किए सील

वोटिंग टूटा रिकॉर्ड

Update: 2025-11-11 12:56 GMT
Patna/Gaya/West Champaran. पटना/गया/पश्चिम चंपारण। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का दूसरा और अंतिम चरण सोमवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। मतदान समाप्ति के साथ ही पूरे राज्य में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सील किया जा रहा है। राज्यभर में मतदाताओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार मतदान प्रतिशत ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। पहले चरण में जहां 18 जिलों की 121 सीटों पर 65 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई, वहीं दूसरे चरण में भी लगभग उतनी ही सक्रियता देखने को मिली।

गया, औरंगाबाद, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, सीवान, पूर्णिया, कटिहार, समस्तीपुर, मधेपुरा समेत 20 जिलों के 122 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगीं। खास बात यह रही कि महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई मतदान केंद्रों पर युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भी लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी निभाई। गया जिले के गया कॉलेज स्थित आदर्श मतदान केंद्र (बूथ संख्या 214) को इस बार विशेष रूप से सजाया गया था। केंद्र को गुब्बारों और आकर्षक स्लोगन वाले होर्डिंग्स से सजाकर इसे सेल्फी प्वाइंट बनाया गया, जहां मतदाता अपने मतदान के बाद तस्वीरें ले रहे थे। 82 वर्षीय चंद्रिका सिंह ने मतदान करने के बाद कहा कि बूथ पर की गई व्यवस्थाएं बेहद सराहनीय हैं। उन्होंने मतदान कर्मियों के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने रोजगार और विकास के मुद्दे पर वोट डाला। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि "विकास तो हुआ है, लेकिन अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और नल-जल योजना की कमजोर क्रियान्वयन जैसी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।"
वहीं, केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने गया जिले के महकार गांव स्थित मध्य विद्यालय (बूथ संख्या 44) पर अपने परिवार के साथ मतदान किया। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में मांझी ने दावा किया कि “अब तक मिली जानकारी के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत मतदान एनडीए के पक्ष में हुआ है। निश्चित रूप से एनडीए ही सरकार बनाएगा और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे।” उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “वह सिर्फ ख्याली पुलाव पका रहे हैं। जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास को देखकर ही एनडीए के साथ है।” दूसरी ओर, राजद सांसद अभय कुशवाहा ने गया के कुजापी में मतदान के बाद दावा किया कि “पूरा बिहार परिवर्तन की लहर में बह रहा है। महागठबंधन की सरकार बनना तय है।” उन्होंने कहा कि औरंगाबाद की छहों सीटें और गयाजी की 10 में से 8 सीटें महागठबंधन जीत रहा है। कुशवाहा ने बेरोजगारी, पलायन और अफसरशाही के खिलाफ जनता के गुस्से को इस लहर का कारण बताया। उन्होंने तेजस्वी यादव के चुनावी वादों को दोहराते हुए कहा, “सरकार बनने के बाद हर घर में नौकरी, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और जीविका दीदी के खाते में ₹30 हजार दिए जाएंगे।”
बिहार में इस बार मतदान को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार के साथ लोग लोकतंत्र के इस पर्व में शामिल हुए। युवाओं में पहली बार मतदान को लेकर उत्साह चरम पर था। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं ने भारी संख्या में मतदान किया, जिससे कई जगहों पर मतदान प्रतिशत में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई। चुनाव आयोग के अनुसार, पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण रहा। कुछ स्थानों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतें मिलीं, जिन्हें तुरंत ठीक कर मतदान पुनः शुरू कराया गया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सीआरपीएफ, एसएसबी और बिहार पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से सभी मतदान केंद्रों की निगरानी की। राजनीतिक दलों के दावों और पलटवारों के बीच अब निगाहें नतीजों पर टिक गई हैं। एनडीए ने जहां नीतीश कुमार के नेतृत्व में स्थिर सरकार बनने का दावा किया है, वहीं महागठबंधन ने रोजगार, शिक्षा और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन के मुद्दों पर जनता से समर्थन मिलने का भरोसा जताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार युवा और महिला मतदाताओं की बड़ी भूमिका परिणामों को प्रभावित कर सकती है। अब सभी की निगाहें मतगणना के दिन पर हैं, जब यह साफ होगा कि बिहार की सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा।
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