Ayodhya. अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की कथित चोरी से जुड़े मामले में तीन आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है। मंगलवार को कोर्ट ने आरोपी अनूप मिश्रा, लवकुश और करुणेश पांडे की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। इस मामले में कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है और अब तक छह आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी हैं। शेष दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई होनी है। मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों को जमानत देने की मांग की। हालांकि अदालत ने इससे पहले अन्य आरोपियों की जमानत अर्जियों पर दिए गए आदेश को ध्यान में रखते हुए इन तीनों को भी राहत नहीं दी।
अब मामले में आरोपी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और टीनू यादव की जमानत अर्जियां लंबित हैं। इन पर बुधवार को सुनवाई निर्धारित होने की जानकारी दी गई है। बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता के मुताबिक निचली अदालत से जमानत नहीं मिलने के बाद आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी की जा रही है। बचाव पक्ष ने कहा कि मामले में जांच अधिकारी की ओर से दाखिल की जाने वाली चार्जशीट का भी अध्ययन किया जाएगा। चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ किन धाराओं को बरकरार रखा गया है या उनमें कोई बदलाव किया गया है, इसके आधार पर आगे की कानूनी रणनीति तैयार की जाएगी।
बचाव पक्ष ने अदालत के सामने यह तर्क भी रखा कि भ्रष्टाचार और सरकारी कर्मचारी द्वारा आपराधिक विश्वासघात से संबंधित प्रावधान इस मामले में लागू नहीं होने चाहिए क्योंकि आरोपी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि अगर इन प्रावधानों को हटा दिया जाता है तो शेष कथित अपराधों में अधिकतम सजा सात वर्ष तक की हो सकती है। इन दलीलों पर अंतिम निर्णय अदालत को करना है। मामले की जांच विशेष जांच दल यानी SIT कर रही है। जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी स्टेटस रिपोर्ट में मंदिर के काउंटिंग रूम से कथित तौर पर बिना अनुमति रकम निकालने या छिपाने के 105 मामलों की पहचान करने की बात कही है। ये निष्कर्ष जांच एजेंसी के हैं और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
SIT के मुताबिक जांच के दौरान आठ आरोपियों की पहचान की गई है। जांच में यह भी संदेह जताया गया है कि कुछ घटनाओं में काउंटिंग प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की सहायता ली गई थी। टीम पूरे कथित नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच दल ने प्रत्येक आरोपी द्वारा कथित तौर पर हड़पी गई रकम का आकलन करने का भी प्रयास किया है। स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों के बैंक खातों में ऐसे लेनदेन या रकम जमा होने की जानकारी सामने आई है जिनके स्रोत की जांच की जा रही है।
इसके अलावा SIT ने कुछ चल और अचल संपत्तियों की भी पहचान की है जिनमें कथित चोरी की रकम निवेश किए जाने का संदेह है। जांच एजेंसी संबंधित बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। कथित रकम की रिकवरी के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है।
मामला राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गणना और उससे जुड़ी व्यवस्था में कथित गड़बड़ी से संबंधित है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यदि रकम निकाली गई तो उसका तरीका क्या था और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल छह आरोपियों को जमानत के स्तर पर राहत नहीं मिली है। दो अन्य आरोपियों की अर्जियों पर सुनवाई बाकी है। दूसरी तरफ बचाव पक्ष ने आरोपों और लगाई गई कानूनी धाराओं को चुनौती देने की तैयारी की है। मामले में चार्जशीट और आगे की अदालती कार्यवाही के बाद आरोपों तथा आरोपियों की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
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