सावधान! हर रील सिर्फ लाइक्स नहीं लाती...सोशल मीडिया पर महंगे फोन और स्टाइल देख किया किडनैप, मुसीबत में डाला
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पन्ना: सोशल मीडिया पर महंगे मोबाइल और ठाठ-बाट वाली जिंदगी का प्रदर्शन करना युवक को भारी पड़ गया. रील्स में युवक की अमीरी को सच मानकर बदमाशों ने उसका अपरहण कर लिया. जिसके बाद बदमाशों ने उसके परिवार वालों को फोन कर 10 लाख रुपए फिरौती की मांग की. आरोपियों के दबाव में आकर परिवार ने कुछ पैसे ट्रांसफर भी कर दिए. फिर परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए युवक को सुरक्षित बचा लिया और 3 बदमाशों को हथियार सहित पकड़ लिया.
सोशल मीडिया पर रील्स बनाना पवई के व्यापारी के बेटे को मुसीबत में डाल दिया. कपड़ा व्यापारी राजेश कुमार डेंगरे का बेटा अंशुल(19) उर्फ कान्हा डेंगरे सोशल मीडिया पर अमीरी का दिखावा कर रील्स पोस्ट करता था. जिसके बाद कुछ बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया. घटना की शूरुआत 27 जून 2026 को हुई, जब अंशुल अचानक लापता हो गया.
कुछ ही देर बाद परिवार के पास अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें युवक की जान के बदले 10 लाख रुपये की मोटी रकम मांगी गई. बदहवास परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना पवई थाने में दी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने पवई थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया. कुछ ही देर में टीम ने तकनीकी इनपुट्स की मदद से अंशुल को सकुशल बरामद कर लिया और उसके माता-पिता को सौंप दिया.
थाना प्रभारी सुशील कुमार अहिरवार ने कहा "अंशुल के खोज-बिन के दौरान पुलिस के डर से आरोेपी भाग निकले थे. लेकिन टीम ने लगातार उनका सुराग जुटाने में लगी रही. इसके बाद साइबर सेल और विशेष टीम ने मुखबिरों का जाल बिछाया और पुख्ता लोकेशन मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर शनिवार, 4 जुलाई को 3 आरोपियों को पकड़ लिया. आरोपियों में राजकुमार पाल (25 वर्ष), शिवेंद्र सिंह (18 वर्ष) और जिसके खाते में बैंक खाते में फिरौती की रकम भेजी गई थी, राजकमल रजक (19 वर्ष) शामिल हैं."
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया कि कान्हा अक्सर सोशल मीडिया पर अपने महंगे स्मार्टफोन और समृद्ध जीवनशैली की तस्वीरें और वीडियो साझा करता था. उसे बेहद अमीर समझकर अपनी कर्ज चुकाने और रातों-रात पैसा कमाने के चक्कर में इस घटना की साजिश रची थी.
अपहरण के दौरान डरे-सहमे परिजनों ने आरोपियों के दबाव में आकर राजकमल रजक के बैंक खाते में 1,48,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए थे. जिसकी शिकायत के बाद पन्ना पुलिस और साइबर सेल ने फौरन नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की मदद ली. पुलिस ने बैंक से संपर्क कर उस खाते को तत्काल होल्ड (फ्रीज) करवा दिया. नतीजा यह हुआ कि आरोपी चाहकर भी एक रुपया नहीं निकाल पाए. यह पूरी रकम बैंक में सुरक्षित है, जिसे कानूनी प्रक्रिया के बाद पीड़ित परिवार को सौंप दिया जाएगा.