सांकेतिक तस्वीर

नई दिल्ली: साइबर फ्रॉड के आए दिन नए-नए केस पढ़ने और सुनने को मिलते हैं. अब एक ऐसा ही एक नया केस हरियाणा के गुरुग्राम से सामने आया है, जहां कि कुछ लोगों पर गंभीर आरोप हैं. पुलिस ने बताया कि इस केस में बैंक स्टाफ साइबर ठगों की मदद कर रहे थे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
दरअसल, गुरुग्राम MG Road ब्रांच से तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वह साइबर ठगों की मदद कर रहे थे. गिरफ्तार किए गए आरोपी में तीन में से एक मोहित राठी असिस्टेंट मैनेजर के पोस्ट पर था, जबकि दो लोग विश्वकर्मा मौर्य और महेश कुमार डिप्टी मैनेजर के पद पर थे.
इन तीनों के अलावा चौथा व्यक्ति भी पकड़ा गया है, जिसका नाम हयात है और वह हरियाणा के नूंह का रहने वाला है. हयात के मास्टर माइंड के साथ अच्छे संपर्क थे.
बैंक में काम करने वाले तीनों आरोपी करीब 7 महीने से Kotak Mahindra Bank में काम कर रहे थे. इस टाइम पीरियड के दौरान उन्होंने करीब 2000 बैंक अकाउंट ओपेन किए. यह जानकारी DCP (साइबर) सिद्धांत जैन ने दी. पुलिस ने बताया कि ये आरोपी स्थानीय लोग के नाम पर बैंक अकाउंट ओपेन करते और फिर उसका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में किया करते थे.
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