Dehradun देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र को एक दिन और बढ़ा दिया गया है। अब यह सत्र 5 नवंबर तक जारी रहेगा। इस निर्णय के साथ ही उत्तराखंड सचिवालय को भी कल नियमित कार्यदिवस की तरह खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड विधानसभा का यह विशेष सत्र राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर बुलाया गया है। सत्र का उद्देश्य राज्य की उपलब्धियों की समीक्षा करना, विकास की नई दिशा तय करना और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है। विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने बताया कि सत्र के पहले दिन राज्य के विकास यात्रा पर चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की प्रगति, योजनाओं और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि बीते 25 वर्षों में उत्तराखंड ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आने वाले दशक को “विकसित उत्तराखंड का दशक” बनाने के लिए सरकार ठोस नीतिगत कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य की युवाशक्ति को “उत्तराखंड @25” के अवसर पर नई दिशा देने का आह्वान भी किया। पहले दिन के सत्र में विपक्षी दलों ने भी अपनी बात रखी और राज्य में बेरोजगारी, पलायन, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कई विधायकों ने सुझाव दिया कि राज्य स्थापना दिवस केवल उत्सव का नहीं बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी होना चाहिए, ताकि आने वाले वर्षों में बेहतर नीति निर्धारण किया जा सके।
विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि सत्र के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से जुड़ी विकास योजनाओं, बजटीय प्रावधानों और जनकल्याणकारी प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इस विशेष अवसर पर सरकार की ओर से उत्तराखंड के गठन में योगदान देने वाले पूर्व जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी सम्मानित किया जाएगा। सचिवालय प्रशासन ने कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचित किया है कि 5 नवंबर को भी कार्यालय नियमित रूप से खुलेगा और सभी विभागों को सत्र से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड का गठन हुआ था, और इस वर्ष इसकी स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। रजत जयंती समारोह को लेकर राज्यभर में सांस्कृतिक और सरकारी कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है।