रीजनगर में अरुण सिंह का हमला, ममता बनर्जी और इंद्रनील सेन पर लगाए गंभीर आरोप
बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा उपचुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। मंत्री अरुण सिंह ने रीजनगर में प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि बंगाल के लोग राजनीतिक परिस्थितियों को समझकर मतदान करेंगे तो राज्य के विकास और शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर फैसला कर सकते हैं। रीजनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
अरुण सिंह ने अपने बयान में दावा किया कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के पीछे केवल राजनीतिक कारण नहीं थे, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण थे। उन्होंने ममता बनर्जी पर राज्य को कथित तौर पर "एक्सटेंडेड बांग्लादेश" में बदलने की कोशिश करने और आतंकवादी संगठनों से कथित संबंध रखने जैसे आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने इस बयान में कोई स्वतंत्र प्रमाण पेश नहीं किया। ममता बनर्जी या उनकी पार्टी की ओर से इन विशेष आरोपों पर प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
रीजनगर उपचुनाव को लेकर उन्होंने मतदाताओं से बीजेपी के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जो लोग बीजेपी के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे, वे विकास की मुख्यधारा से बाहर रह सकते हैं। यह उनका राजनीतिक दावा और अपील है, न कि किसी आधिकारिक नीति का निष्कर्ष।
अरुण सिंह ने पूर्व मंत्री और गायक इंद्रनील सेन को लेकर भी व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने सेन को "confirmed thief" यानी कथित तौर पर "पक्का चोर" बताया और उनके राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह पहले पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के करीबी रहे और बाद में ममता बनर्जी के साथ आ गए।
इंद्रनील सेन फिलहाल एक अलग मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में हैं। हाल में उनसे दुर्गा पूजा से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पूछताछ हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसी इस मामले में वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। रीजनगर उपचुनाव में बीजेपी ने शेखरव सरकार को उम्मीदवार बनाया है। यहां मुकाबला बहुकोणीय है और बीजेपी के अलावा टीएमसी के अलग-अलग गुट, कांग्रेस, वाम दल और अन्य दल मैदान में हैं।