देर रात सरकारी दफ्तर में अचानक पहुंची एंटी करप्शन
ऑनलाइन रिश्वत लेने का आरोप, सरकारी दफ्तर में छापेमारी
चेंगलपट्टू। तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले में रिश्वतखोरी की शिकायतों के बाद सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (DVAC) के अधिकारियों ने जिला नगर एवं ग्राम नियोजन कार्यालय (DTCP) में अचानक छापेमारी की। यह कार्यालय जिला कलेक्टरेट परिसर में स्थित है। ऑनलाइन पेमेंट एप्लिकेशन के जरिए कथित रिश्वत के लेनदेन की शिकायतों के बाद जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की है।
ऑनलाइन पेमेंट एप से रिश्वत लेने का आरोप
जानकारी के अनुसार, नगर एवं ग्राम नियोजन कार्यालय के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ डिजिटल भुगतान माध्यमों से कथित तौर पर रिश्वत लेने की शिकायतें मिली थीं। इन आरोपों के आधार पर डीवीएसी के अधिकारी अचानक कार्यालय पहुंचे और जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और उनसे जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है।
कलेक्टरेट परिसर में अचानक पहुंची टीम
चेंगलपट्टू जिला कलेक्टरेट परिसर में स्थित डीटीसीपी कार्यालय में सतर्कता अधिकारियों के अचानक पहुंचने से कार्रवाई चर्चा में आ गई। यह विभाग भवन निर्माण और भूमि विकास संबंधी नियोजन अनुमतियों से जुड़ा है। ऐसे कार्यालयों में आवेदन और स्वीकृति प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
डिजिटल रिश्वतखोरी के मामलों पर निगरानी
तमिलनाडु में इससे पहले भी डीवीएसी ने सरकारी कार्यालयों में संदिग्ध डिजिटल लेनदेन पकड़े हैं। सितंबर 2026 में राज्यभर के 36 सरकारी कार्यालयों की जांच के दौरान करीब 1.73 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी और संदिग्ध डिजिटल लेनदेन सामने आए थे। इनमें लगभग 1.59 करोड़ रुपये के डिजिटल भुगतान शामिल थे।
जांच के नतीजों का इंतजार
चेंगलपट्टू के डीटीसीपी कार्यालय में हुई इस विशेष कार्रवाई में कितनी रकम बरामद हुई, किसी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई या किसी की गिरफ्तारी हुई है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल छापेमारी को शिकायतों की जांच के तौर पर देखा जाना चाहिए। आरोप साबित होने के संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।