नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल प्रदर्शन और धरने करने से चुनाव नहीं जीते जा सकते। अगर विपक्ष को सत्ता में आना है, तो उसे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझनी होंगी और उनके कल्याण के लिए योजनाएं लागू करनी होंगी।
दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन से जुड़ी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में बोलते हुए शाह ने विपक्ष पर राजनीतिक चालबाजी के जरिए जनता के जनादेश को चुनौती देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी नकारात्मक राजनीति के कारण अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं आ पाएगी। इस दौरान उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों पर भी विपक्ष को घेरा।
धरने से नहीं, जनता का विश्वास जीतने से मिलेगी सत्ता
अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को सलाह देते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच जाना और उनकी समस्याओं को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को केवल विरोध की राजनीति करने के बजाय लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहिए।
शाह के मुताबिक, जिन राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें हैं, उन्हें वहां जनता के हित में योजनाएं लागू करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विपक्ष ने अपने काम करने के तरीके में बदलाव नहीं किया, तो उसे दूसरे राज्यों में भी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। गृह मंत्री ने कहा कि प्रदर्शन और धरने करने से चुनावी सफलता नहीं मिलती। जनता का समर्थन हासिल करने के लिए उसकी जरूरतों को समझना और उन पर काम करना जरूरी है।
वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस और AAP को घेरा
अमित शाह ने भाजपा की चुनावी जीत के बाद विपक्ष की ओर से लगाए जाने वाले गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी हार का ठीकरा चुनाव प्रक्रिया पर फोड़ता है। शाह ने आरोप लगाया कि जब विपक्ष चुनाव हारता है, तो चुनाव आयोग की आलोचना करता है। वहीं, जब अदालतों के फैसले उसके पक्ष में आते हैं, तो वह उन्हें सही बताता है।
उन्होंने केरल, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में विपक्षी दलों की जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में भी वही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और चुनाव आयोग थे। उनके मुताबिक, चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपने राजनीतिक प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ी से जुड़े आरोपों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के अपने-अपने दावे हैं। शाह ने अपने भाषण में विपक्ष के आरोपों को उसकी चुनावी हार से जोड़कर पेश किया।
बोले- कांग्रेस अगले 30 साल तक सरकार नहीं बना पाएगी
अपने भाषण में अमित शाह ने कांग्रेस के भविष्य को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि जब वह भाजपा के अगले 30 साल तक सत्ता में रहने की बात करते हैं, तो विपक्ष वोट चोरी के आरोप लगाने लगता है। शाह ने कांग्रेस की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि उसकी नकारात्मक राजनीति के कारण वह अगले तीन दशकों तक सरकार नहीं बना पाएगी। यह कांग्रेस के राजनीतिक भविष्य को लेकर शाह का दावा था।
उन्होंने विपक्ष के एक नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि वह विदेश में बैठे हैं और उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। शाह ने कहा कि संबंधित नेता जब दिल्ली आएं, तो उनकी बात सुनें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगले 30 वर्षों तक विपक्ष की बारी नहीं आएगी। शाह के इन बयानों को कांग्रेस और AAP के खिलाफ भाजपा के राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा सकता है। उनके भाषण का मुख्य संदेश यही था कि विपक्ष को चुनावी आरोपों और विरोध प्रदर्शनों के बजाय जनता के बीच काम करने पर ध्यान देना चाहिए।
यमुना पुनर्जीवन के लिए 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने यमुना पुनर्जीवन से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर दिल्ली जल बोर्ड की कुल 8,941 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य दिल्ली में यमुना नदी के पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना था। इस दौरान शाह ने विकास कार्यों और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि जनता का विश्वास जीतने के लिए ठोस काम करना जरूरी है। उनके मुताबिक, केवल राजनीतिक बयानबाजी या विरोध प्रदर्शन से लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाने के बजाय अपनी नीतियों और कामकाज पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर उसकी समस्याओं का समाधान करना ही चुनाव जीतने का रास्ता है। शाह ने भाजपा की चुनावी सफलता का जिक्र करते हुए विपक्ष पर हार के बाद बहाने बनाने का आरोप लगाया। उनके भाषण में विपक्ष की राजनीति, वोट चोरी के आरोपों और कांग्रेस के भविष्य पर टिप्पणी प्रमुख रही। वहीं, दिल्ली में यमुना पुनर्जीवन की 33 परियोजनाओं की शुरुआत भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा रही।
कुल मिलाकर, अमित शाह ने विपक्ष को जनता के बीच काम करने की चुनौती दी और दावा किया कि कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक रणनीति उसे लंबे समय तक सत्ता से दूर रखेगी। वहीं, उनके बयानों से कांग्रेस और भाजपा के बीच चुनावी प्रक्रिया तथा राजनीतिक रणनीति को लेकर जारी टकराव भी सामने आया।
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