दिल्ली: बचपन भी कितना अनमोल होता है! न किसी बड़े पद की पहचान, न किसी शख्सियत के रुतबे से मतलब। बस छोटी-छोटी खुशियों में ही पूरी दुनिया समाई होती है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जब बच्चों को टॉफियां बांटीं, तो मासूमों की खुशी देखने लायक थी। शायद उन नन्हे बच्चों को यह भी नहीं पता था कि उन्हें टॉफी देने वाला शख्स प्रदेश का मुख्यमंत्री है। उन्हें तो बस इस बात की खुशी थी कि टॉफी मिली या नहीं और कितनी मिली!
बचपन की यही सबसे खूबसूरत सच्चाई है। जहां बड़ों की दुनिया पद, प्रतिष्ठा और पहचान में उलझी रहती है, वहीं बच्चों की दुनिया एक छोटी-सी टॉफी से रोशन हो जाती है। न कोई दिखावा, न कोई स्वार्थ, बस टॉफी मिलने की मासूम खुशी! सच ही तो है, एक टॉफी की असली कीमत पैसों से नहीं, बल्कि उसे पाकर खिल उठने वाली बचपन की मुस्कान से मापी जाती है।
Tags: