मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम प्रतिनिधित्व और आजम खान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कशिश वारसी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुस्लिम समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव वास्तव में मुसलमानों और आजम खान के हितैषी हैं, तो उन्हें रामपुर में बड़ी राजनीतिक घोषणा करनी चाहिए।
मुस्लिम समाज को लेकर उठाए सवाल
कशिश वारसी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने आज तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं दिया, जिससे यह साबित हो कि वे मुसलमानों के सच्चे हितैषी हैं। उन्होंने राज्यसभा में मुस्लिम प्रतिनिधित्व के मुद्दे को लेकर भी सपा प्रमुख की आलोचना की। वारसी ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने के बाद अखिलेश यादव को अचानक आजम खान और उनकी जेल में बंद होने की स्थिति की याद आई।
आजम खान के परिवार से मुख्यमंत्री बनाने की मांग
कशिश वारसी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में मुस्लिम समाज और आजम खान की चिंता करते हैं, तो रामपुर में घोषणा करें कि सरकार बनने के बाद आजम खान के परिवार से किसी मुस्लिम सदस्य को मुख्यमंत्री या गृह मंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाता समाजवादी पार्टी का महत्वपूर्ण समर्थन आधार रहे हैं, इसलिए पार्टी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
22 अक्टूबर को आजम खान से मुलाकात प्रस्तावित
अखिलेश यादव का गुरुवार, 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में बंद आजम खान से मुलाकात करने का कार्यक्रम है। इसके अलावा उनके आजम खान के परिवार से भी मिलने की योजना है। कशिश वारसी का यह बयान इसी प्रस्तावित मुलाकात से पहले आया है। हालांकि, उनके आरोपों और मुख्यमंत्री पद संबंधी मांग पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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