Air Force प्रमुख ने जवानों से की मुलाकात, दी दिवाली की शुभकामनाएं
शुभकामनाएं दीं
Ladakh लद्दाख। दिवाली के पावन अवसर पर वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने लद्दाख सेक्टर का दौरा किया और वहां तैनात भारतीय वायु सेना तथा भारतीय थल सेना के जवानों से मुलाकात की। इस दौरे का उद्देश्य जवानों का मनोबल बढ़ाना और उनके कठिन परिश्रम तथा देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना करना था। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जवानों के साथ बातचीत के दौरान उनके समर्पण और पेशेवर रवैये की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले इलाकों में सेवा करना आसान नहीं है, लेकिन जवानों की लगन और तत्परता देश की सुरक्षा की मजबूत नींव है। उन्होंने जवानों से कहा कि उनके प्रयास और त्याग से ही भारतीय सीमाएँ सुरक्षित हैं और जनता को शांति का भरोसा मिलता है।
इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख ने सभी जवानों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व केवल घरों में ही नहीं, बल्कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के लिए भी उल्लास और प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने जवानों के परिवारों को भी याद किया और उनकी भूमिका और समर्थन के महत्व पर प्रकाश डाला। लद्दाख में भारतीय वायु सेना और थल सेना के जवान अत्यधिक ऊंचाई और कठिन जलवायु स्थितियों में तैनात हैं। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस चुनौतीपूर्ण सेवा को समझते हुए जवानों से कहा कि उनके समर्पण और पेशेवर रवैये को पूरा देश सम्मान और गर्व की दृष्टि से देखता है। उन्होंने जवानों के लिए आवश्यक संसाधनों और सहायता सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया।
इस दौरे के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने जवानों के साथ पारंपरिक दिवाली के दीयों और मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व उनके साहस और प्रतिबद्धता को सम्मानित करने का अवसर भी है। जवानों ने वायुसेना प्रमुख का स्वागत उत्साह और सम्मान के साथ किया और उन्हें अपने अनुभव साझा किए। विशेष रूप से, इस दौरे ने जवानों में उत्साह और देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया। अधिकारियों और जवानों ने कहा कि ऐसे दौरे से उन्हें अपनी सेवा की अहमियत और देश की सुरक्षा में अपनी भूमिका का एहसास होता है। इस अवसर पर जवानों ने भी एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और उन्हें अपने परिसर का दौरा कराया। इस तरह, दिवाली के अवसर पर वायुसेना प्रमुख का यह दौरा भारतीय वायु सेना और थल सेना के जवानों के मनोबल को बढ़ाने और उनके कठिन परिश्रम की सराहना करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। यह कदम जवानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया और उनके त्याग और सेवा के प्रति देशवासियों की कृतज्ञता को भी दर्शाता है।